मुश्किल नहीं इंटरनेट पर मौजूद फेक तथ्यों को पहचानना : काजी फराज

इंटरनेट यूजर्स को बनना होगा चूजर्स और सलेक्टर्स  : डा. प्रदीप शर्मा
शिया कालेज में फेक न्यूज की प्रमाणिकता की जांच विषयक कार्यशाला

लखनऊ। शिया पीजी कालेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा गुरुवार को ‘फेक न्यूज और उसकी प्रमाणिकता की जांच’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें गूगल से प्रशिक्षित काजी फराज अहमद ने प्रतिभागियों को फेक न्यूज का परिचय कराते हुए उसकी सत्यता तक पहुंचने का तरीका बताया। विभाग कोआर्डिनेटर डॉ. प्रदीप शर्मा ने कार्यशाला की भूमिका रखते हुए बताया कि वर्तमान युग में सोशल मीडिया एक सच्चाई है और इसकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता है। इसी का कुछ अराजक तत्व गलत फायदा उठा रहे हैं और लोगों के सामने फेक यानी भ्रमित करने वाले तथ्य परोस रहे हैं। नेट पर फोटोग्राफ्स और वीडियो से छेड़छाड़ कर उसके अर्थ ही बदल दिये जाते हैं। ऐसे में आम इंटरनेट यूजर्स को चूजर्स और सलेक्टर्स बनना होगा, ताकि सोशल मीडिया के दुरूपयोग को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा की मीडिया में संपादक द्वारा खबरों की सत्यता की जांच के बाद ही पब्लिक में भेजा जाता है, लेकिन सोशल मीडिया में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। अतः आम यूजर्स को फेक तथ्यों की तह तक पहुंचना होगा और इसका दुरुपयोग होने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना होगा।

कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक काजी फराज अहमद ने प्रतिभागियों को नेट पर मौजूद फोटोग्राफ्स की सच्चाई जानने के ट्रिक्स बतायी। उन्होंने बताया कि ‘रिवर्स इमेज सर्च’ के माध्यम से वास्तविक इमेज की सच्चाई तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि यदि नेट पर फेक फोटोग्राफ्स की तह पहुंचने में दिक्कत हो रही है तो फोटोग्राफ्स को क्राप करके भी उसकी सच्चाई तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने फेक वीडियो के बनाने से लेकर उसकी सच्चाई जानने तक की तकनीकी जानकारियों को भी साझा किया। काजी फराज ने फर्जी वेबसाइट के माध्यम से भ्रमित करने वाले प्रयासों को भी गहराई से बताया। ट्वीटर हैंडल का हैक होना तथा उसका मिसयूज किये जाने के बारे में भी बताते हुए श्री फराज ने ट्वीटर को सुरक्षित करने का उपाय बताया। वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने से लेकर एडवांस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी। उन्होंन ऑनलाइन किये जाने वाले बहुत से फ्राड के बारे में प्रतिभागियों को बताते हुए आम यूजर्स को इससे सतर्क रहने की जरूरत बतायी।

महाविद्यालय के खतीबे अकबर लाइब्रेरी में आयोजित इस कार्यशाला में कालेज के तमाम शिक्षकों के साथ छात्र, छात्राओं ने प्रतिभाग किया और अपने सवाल पूछे। शिक्षकों और छात्रों ने सोशल मीडिया पर आने वाली दिक्कतों के बारे में अपनी आपबीती बताते हुए इससे निदान के टिप्स भी लिए। श्री फराज ने कहा कि यदि हम किसी भी फोटोग्राफ्स या वीडियो को शेयर या फारवर्ड करने से पहले जरा कुछ सेकेण्ड सोच लें ज्यादातर फेक तथ्यों को फैलाने से बचा जा सकता है।

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