मुरादाबाद में आंधी और बारिश ने उड़ाई बिजली, अंधेरे में रहा शहर

मुरादाबाद में भीषण गर्मी से जूझ रहे शहरवासियों को बृहस्पतिवार रात मौसम ने अचानक राहत तो दी, लेकिन तेज आंधी, ओलावृष्टि और बारिश ने बिजली व्यवस्था की पोल भी खोल दी। रात करीब 10 बजे तेज हवाओं और बारिश के साथ शहर के कई हिस्सों की बिजली गुल हो गई।

कई जगह पेड़ और पेड़ों की शाखाएं टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गईं। बड़े स्तर पर फॉल्ट हुए और देर रात तक लोग अंधेरे में परेशान रहे। सबसे ज्यादा असर दिल्ली रोड, रामपुर रोड और कटघर क्षेत्र की कॉलोनियों में देखने को मिला।

सीतापुरी बिजलीघर की 33 केवी की सप्लाई फेल होने से सीतापुरी, करूला, शिवपुरी, गुलाबबाड़ी और कटघर इलाके की बत्ती गुल हो गई। बुद्धि विहार, आशियाना, रामगंगा विहार, नया मुरादाबाद, पाकबड़ा, कबीर नगर, रेल विहार समेत कई कॉलोनियों में रात 12 बजे के बाद तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी।

खास बात यह रही कि हाइडिल कॉलोनी और विद्युत निगम के कंट्रोल रूम की बिजली भी आंधी के दौरान ठप हो गई। तेज हवाओं के चलते बिजली निगम को कई इलाकों में एहतियातन सप्लाई रोकनी पड़ी।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की वेबसाइट के मुताबिक शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 34 डिग्री तक पहुंच सकता है। शुक्रवार को भी तेज हवा,बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता प्रशांत कुमार ने बताया कि तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली सप्लाई रोकी गई थी। बारिश रुकने के बाद टीमों ने फॉल्ट ठीक कर अधिकांश इलाकों में रात 11 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी थी।

रात 10:27 बजे सभी के मोबाइलों पर बजा सायरन
रात 10:27 बजे अचानक लोगों के मोबाइल फोन पर तेज सायरन बजने लगा। मोबाइल स्क्रीन पर अलर्ट संदेश आया कि अगले तीन घंटों में इलाके में बिजली कड़कने के साथ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान आने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने, मध्यम से तेज बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी गई। अलर्ट मिलते ही लोगों ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों को फोन कर सतर्क रहने की सलाह दी।

आधे घंटे की बारिश में खुली सफाई की पोल
अगवानपुर में बृहस्पतिवार रात ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ हुई 30 मिनट की बारिश ने नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। नाले-नालियां ओवरलोड होने से सड़कों पर गंदा पानी भर गया और जगह-जगह कीचड़ फैल गई। लोगों ने आरोप लगाया कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने से जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

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