मिशन 2019 : ‘अखिलेश का टोपी गिरा, माया का रुमाल’, कुछ यूं बयां किया पार्टियों का हाल

होली करीब है और होली गीतों का इस साल अलग ही क्रेज और अंदाज है। ‘सोच के लगावे पड़ी अबकी गुलाल, केकरा के हरा लागी, केकरा के लाल…’ यह दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ का गाया हुआ होली गीत है। अबकी होली में भोजपुरी फाग, फगुआ, चहका, जोगीरा आदि में कुछ ऐसा ही राजनीतिक रंग चढ़ा हुआ है। कुंभ मेल से लेकर एयर स्ट्राइक और अभिनंदन तक सब पर आधारित गीत बन गए हैं।

भोजपुरी समाज के त्योहारों का सामाजिक सरोकार गहरा होता है। होली पर तो यह स्वर कुछ ज्यादा ही मुखर दिखाई देते हैं। पांच साल बाद होली के समय चुनावी दौर शुरू हुआ है, तो लोक संगीत उससे अछूता कैसे रह सकता है। जोगीरा तो सामाजिक व्यंग्य का जरिया है। भोजपुरी होली गीतों में राजनीति का रंग गाढ़ा दिख रहा है।

दिनेश लाल की राजनीतिक होली में भाई साहब को पीला, तो बहन जी को नीला गुलाल लगाया जा रहा है। बिहार के गायक रुपेश कुमार के जोगीरा में तो राजनीति कुछ ज्यादा ही मुखर है। बानगी देखिए….राहुल गांधी कनकी मारा खबर गया नेपाल, अखिलेश का टोपी गिरा, माया का रुमाल, सरजू तट पर नेता लीडर खूब जमाया खेल, राम मंदिर, राफेल का मुद्दा दोनों हो गया फेल…।

टुनटुन यादव, नंद लाल नाहर, श्रवण साज, रोमियो राज, देवा लाल यादव, फरिंदर लाल यादव के होली गीतों में राजनीतिक रंग हैं। उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अखिलेश यादव, योगी आदित्य नाथ, राहुल गांधी, तेजस्वी यादव जैसे तमाम नेताओं पर तो गीत हैं ही। साथ ही एयर स्ट्राइक और स्क्वाड्रन लीडर अभिनंदन पर भी गीत बने हैं।
अब होली गीत ऑनलाइन उपलब्ध

म्यूजिक कंपनियों ने एलबम बनाने बंद कर दिए हैं। सीडी और कैसेट गुजरे जमाने की बात हो गए हैं। अब गीत केवल ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उनको सर्च करना कठिन हो गया है। अबकी स्थापित कलाकारों में अजय अजनबी का एलबम है। सुनील छैला बिहारी ने ‘सरयू तट आज मचै होरी’ से अपरोक्ष रूप से राजनीति को लक्ष्य किया है।

देवा लाल यादव ने ‘मोदी योगी रोवत होइहैं, खेलिहें ऊ केकरा संग होली’ और खेसारी लाल यादव का ‘लागल बा सीमा पर लड़इया’ और ‘छपरा में पकड़ाएंगे, ब्लैक में दारू लाएंगे’ जैसे गीतों का आनंद भी इस बार होरियारे उठाएंगे।

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