500-1000 नोट बैन पर, माया, मुलायम को सबसे ज्यादा दिक्कत : अमित शाह

500-1000 नोट बैन पर, माया, मुलायम को सबसे ज्यादा दिक्कत : अमित शाहनई दिल्‍ली। केंद्र सरकार द्वारा बड़े नोटों को बंद करने को लेकर देश में जहां बड़ी संख्‍या में लोग इसका समर्थन कर रहे हैं वहीं विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी आई है। विपक्ष के विरोध को देखने के बाद अब भाजपा ने इन सभी दलों पर निशाना साधा है।

भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्‍फ्रें करते हुए कहा कि कालेधन पर सरकार के निर्णय से राजनीतिक दलों को पीड़ा क्‍यों हो रही है।

उन्‍होंने नोट बंद किए जाने के बाद राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, सपा प्रमुख मुलायम सिंह और बसपा प्रमुख मायावती के बयानों का हवाला देत हुए कहा कि नोट बंद किए जाने के बाद आतंकवादियों, नक्‍सलियों, नकली नोट बनाने वालों और हवाला कारोबारियों में हड़कंप तो समझ आता है लेकिन इस फैसले से राजनीतिक दलों को क्‍यों पीड़ा हो रही है। पहले वो कहते थे कि सरकार कालेधन पर कार्रवाई नहीं कर रही है और जब सरकार ने यह कदम उठाया है तो वो क्‍यों परेशान हो रहे हैं। उनके बयान उनके असली चेहरे को दिखाते हैं।

भाजपा अध्‍यक्ष ने आगे कहा कि सरकार के फैसले से अर्थतंत्र मजबूत होगा और गरीब को फायदा होगा, वो बात अलग है कि इस कदम से कुछ पार्टियां गरीब हो गई हैं। इससे कालेधन वालों में हड़कंप है। यह फैसला चुनाव की वजह से नहीं है। हमें तो पता भी नहीं था इस बारे में।

शाह ने इससे पहले कहा कि 31 दिसंबर तक सभी प्रामाणिक कर दाताओं, गृहणियों, किसानों और छोटे व्‍यापारियों को डरने की जरूरत नहीं उनका पैसा बदला जाएगा और नए नोट उपलब्‍ध होंगे। जो लोग ईमानदारी से पैसा कमा रहे हैं उन्‍हें कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही शाह ने पिछले दो-तीन दिनों से लगातार काम कर रहे बैंक कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए धन्‍यवाद दिया वहीं मीडिया से अपील की कि वो नेताओं द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों से जनता को बचाए।

एटीएम में पैसे ना होने पर शाह ने कहा कि व्‍यवस्‍थाएं की जा रही है। एटीएम मशीन नोट के वजन और आकार के हिसाब से काम करती है। नए नोट का वजन और आकार अलग है जिस वजह से समस्‍या आ रही है। धीरे से सब ठीक हो जाएगा। सरकार ने एक टीम बनाई है तो कमियों पर नजर रखते हुए उन्‍हें दूर करती जा रही है। मसलन टोल टैक्‍स, रेलवे स्‍टेशन अस्‍पताल हर जगह पर पुराने नोटों को स्‍वीकार किया जा रहा है। सरकारी भुगतान में भी पुराने नोट स्‍वीकार किया है।

सारी कोशिशों के बावजूद थोड़ी परेशानी हो रही हो लेकिन इसका फायदा जनता को मिलेगा। मैं अपील करता हूं कि सरकार के इस साहसीक कदम को जनता समर्थन दे। जाली नोट एक नासूर बना चुका था जिसे बाहर करना जरूरी हो गया था। सरकार के इस कदम से यह नासूर खत्‍म होगा।

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