महिला ने BF समेत 2 का किया मर्डर, अफसरों के करीब तो कॉल डिटेल से मना

गुना/भोपाल. ट्रिपल मर्डर मामले में मुख्य आरोपी पूनम उर्फ पक्का की रिमांड अवधि पूरी होने पर जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस दावा कर रही है कि जो सबूत जुटाने थे मिल चुके हैं। अब कोई सबूत की जरूरत नहीं है, लेकिन सबसे अहम सबूत कॉल डिटेल अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगी है।
महिला ने BF समेत 2 का किया मर्डर, अफसरों के करीब तो कॉल डिटेल से मना
क्या है मामला…
– इस चर्चित मामले में कई अहम सुराग अब भी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। भले ही अफसर दावा कर रहे हैं कि सारे सबूत मौजूद हैं। इस आधार पर अब पुलिस पक्का को न तो रिमांड पर लेगी और न ही कोई अन्य जानकारी जुटाएगी। लोकेश और हेमंत हत्याकांड मामले में उसे 2 और 3 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है।

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पुलिस बोली- आरोपी ने गुनाह कबूल कर लिया है
– मामले में पुलिस का कहना है आरोपी पूनम उर्फ पक्का और उसके बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर 3 किशोर की हत्याएं की हैं। आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। इसलिए ऐसा कोई सबूत की हमें जरूरत नहीं है।

– हालांकि, आरोपी पूनम के मोबाइल की कॉल डिटेल को लेकर उनका कहना है कि इस मामले में वह कुछ नहीं कह सकते हैं, अफसरों से ही बात करें।
पूनम की किन लोगों से बात होती थी इसका केस से कोई वास्ता नहीं
– एसपी अविनाश सिंह का कहना है कि पूनम के मोबाइल की कॉल डिटेल इस केस में जांच का हिस्सा नहीं है। उसकी किन लोगों से बात होती थी, इससे पुलिस को कोई मतलब नहीं है। रही बात आरोपी के खिलाफ सारे सबूत जुटा लिए हैं। इसलिए कॉल डिटेल की कोई जरूरत नहीं है।
 
इसलिए जरूरी है कॉल डिटेल
आरोपी पूनम की अगर कॉल डिटेल खंगाली जाए तो कई हाईप्रोफाइल लोगों से उसके संबंध उजागर हो सकते हैं। यही वजह से है कि अब उसके मोबाइल की कॉल डिटेल नहीं निकल पाई है। अब पुलिस भी कह रही है कि इसकी हमें कोई जरूरत नहीं है।
इसलिए नहीं जुटाई जा रही जानकारी
– बड़े कारोबारी, राजनेता और अधिकारियों के संपर्क उजागर होने का डर जानकारों का कहना है कि पूनम के कई धन्ना सेठ, व्यवसायी, राजनेता और अधिकारी से अच्छे संबंध थे।
– वह उनके संपर्क में रहती थी। अगर कॉल डिटेल उजागर होती है तो कई लोग फंस सकते हैं।
 
साइबर सेल से 20 दिन में भी नहीं मिली डिटेल
– ट्रिपल मर्डर मामले की आरोपी पूनम के मोबाइल की कॉल डिटेल निकालने के लिए उसे सायबर सेल में दिया था, लेकिन 20 दिन बाद भी पुलिस को यह जानकारी नहीं मिली।
– पहले कहा गया कि सर्वर डाउन चल रहा है, कभी भोपाल से तकनीकी खराबी बताई तो कभी गुना में आई गड़बड़ी। लेकिन अब तो अधिकारियों ने इस मामले में सुर ही बदल लिए हैं।
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