बीपी की परेशानी है तो अपनाएं ये 10 नुस्खे…

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बीपी की परेशानी जानलेवा है, पर एक ऐसा ‘रामबाण’ भी है जो इससे लड़ने की ताकत देती है। असर भी इतनी तेजी से कि डॉक्टर की दवाई न कर पाए।बीपी की परेशानी है तो अपनाएं ये 10 नुस्खे...

जब रक्त की धमनियों का प्रेशर 140/90 तक पहुंच जाए तो उसे हाइपरटेंशन कहते हैं। इससे ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट, किडनी और आंखों की बीमारियों का खतरा दो से तीन गुना बढ़ जाता है। वजह, हाई बीपी होने पर ब्लड वेसल्स पर दबाव बनता है और वे सिकुड़ जाती हैं। इससे दिल को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। अक्सर लोग ब्लड प्रेशर को बीमारी नहीं मानते, जबकि यह गंभीर बीमारियों की मूल जड़ होती है।

ब्लड प्रेशर होने के कारण
1. मोटापा बढ़ना 2. एक्सरसाइज न करना 3. फैमिली में ही होना 4. लगातार तनाव में रहना 5. स्मोकिंग करना 6. थायराइड व ट्यूमर जैसी कई बीमारियां

कितना होना चाहिए बीपी
नार्मल बीपी 120/80 से कम होना चाहिए। इससे ऊपर की स्टेज को प्री-हाइपरटेंशन कहते हैं। यदि बीपी 120 से 139, 80 से 89 के बीच है तो उस स्थिति में भी स्ट्रोक, किडनी, हार्ट अटैक, डायबिटीज और आंखों की बीमारी बढ़ जाती है। 140/90 की स्थिति को हाइपरटेंशन कहते हैं, जो सबसे खतरनाक लेवल होता है।

कब बीपी की जांच करनी चाहिए
विशेषज्ञों का मानना है कि 40 की उम्र में हर व्यक्ति को ब्लड प्रेशर चेक करवाना चाहिए। यदि सामान्य आता है तो हर छह महीने में चेक करवाते रहना चाहिए। किसी मरीज में प्री-हाइपरटेंशन का स्तर आता है तो वह डॉक्टर से संपर्क करें और हर महीने चेकअप करवाएं। बीपी चेक करने से आधा घंटा पहले चाय-कॉफी न पिएं और न स्मोकिंग करें।

कैसे ब्लड प्रेशर से छुटकारा पाएं
– रोजाना 45 मिनट की एक्सरसाइज करें। इसमें ब्रिस्क वॉक, जॉगिंग, साइकलिंग, स्विमिंग, एरोबिक्स, डांस आदि शामिल हैं। वॉक में 1 मिनट में 40-50 कदम, ब्रिस्क वॉक में 1 मिनट में 75-80 कदम और जॉगिंग में 150-160 कदम चलना चाहिए।

– यदि तेज नहीं चल पाते हैं तो रोजाना कम से कम पांच किलोमीटर चलें। दिल के मरीज हैं तो एक्सरसाइज से पहले डॉक्टर से संपर्क करें।
– नमक की मात्रा कम करनी होगी। सलाद पर नमक न डालें। पापड़ खाने से बचें। दिन भर में आधा चम्मच से ज्यादा नमक न खाएं।
– वजन को कंट्रोल में रखें। बार-बार वजन को चेक करवाते रहें।

– अपनी हॉबी के लिए टाइम निकालें। खेलते हैं या गाना सुनना पसंद है तो टाइम दें।
– फल और हाई-फाइबर वाली चीजें (गेहूं, ज्वार, बाजरा, जई, दलिया, स्प्राउट्स, ओट्स, चना, दाल, ब्राउन राइस आदि) ज्यादा खाएं।

– फास्ट फूड (मैगी, नूडल्स, बर्गर, पिज्जा, पास्ता आदि), तली-भुनी चीजें (समोसा, टिक्की, ब्रेड पकौड़े आदि), कोल्डड्रिंक, मीठी चीजें (फ्रूट क्रीम, केक, पेस्ट्री, गुलाबजामुन, जलेबी, इमरती आदि), चावल, मैदा, सैचुरेटेड फैट (देसी घी, वनस्पति, मक्खन, नारियल तेल ) पैक्ड फूड (सॉस, अचार, चिप्स, कुकीज आदि) के अलावा अंडे का पीला भाग, रेड मीट और फुल क्रीम दूध से बचें।

मरीज अक्सर ये गलतियां करते हैं
कई मरीज दवा पर ही सबकुछ छोड़ देते हैं। लाइफ स्टाइल बदलते नहीं। इससे उनका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं आता। खुद से दवा बंद कर देना। अक्सर मरीज बिना डॉक्टर की सलाह लिए ही दवाएं बंद कर देते हैं। नार्मल बीपी आने पर कुछ लोग दोस्तों व परिजनों की सलाह पर दवा नहीं लेते। जबकि यह स्थिति ज्यादा खतरनाक होती है। इससे ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। फॉलोअप में मरीज नहीं आते। कई बार दवा कम करनी होती है तो कई बार दवा बढ़ानी होती है। ब्लड प्रेशर होने पर डॉक्टर के संपर्क में रहे और चेकअप कराते रहे।

लगातार तनाव में रहने से ब्लड प्रेशर के मरीज बढ़ गए हैं। यदि इसे काबू नहीं किया गया तो यह कई गंभीर बीमारियों की मूल वजह भी बनता है। ऐसे में 40 की उम्र में ब्लड प्रेशर चेक करवाते रहें। कई युवाओं में भी ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती है। वैसे इसके लक्षण बहुत कम दिखते हैं। फिर भी किसी में सिर दर्द, आंखों में भारीपन की शिकायत है तो वे डॉक्टर से चेकअप करवाएं।

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