बिहार शिक्षा विभाग से मिले उपहार लौटाएंगे भाजपा विधायक

sushil-modi_landscape_1458447157 (1)एजेन्सी/बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से मिलनेवाले उपहार पर बिहार में राजनीति गरमा गई है। शिक्षा विभाग की ओर से बांटे गए उपहार पर मीडिया में बहस शुरू होने के बाद शनिवार को भाजपा के दो बड़े नेताओं ने उपहार लौटाने की घोषणा कर दी है। इस घोषणा के बाद भाजपा के तमाम विधायकों ने भी सामूहिक रूप से उपहार लौटाने का फैसला ले लिया है। राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के  वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने इस संबंध में ट्वीट कर के जानकारी दी है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने बताया कि शिक्षकों को वेतन के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं, लेकिन महंगे उपहार बांटे जा रहे हैं।  इधर, कांग्रेस और जदयू ने इसे गलत परंपरा की शुरुआत बताया है।

सुशील मोदी ने सरकार के उस तर्क पर भी आपत्ति जताई, जिसमें शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा था कि विधायक गरीब हैं और इन उपहारों से उनकी थोड़ी मदद हो सकेगी। मोदी ने शुक्रवार को उपहार में मिले माइक्रोवेव ओवेन का इस्तेमाल मिड डे मील की जांच के लिए करने के तर्क को भी नकार दिया।  शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि उनके विभाग ने कोई नई परंपरा की शुरुआत नहीं की है।

विभाग के उपक्रम की ओर से ये उपहार हर साल सदस्यों को दिया जाता रहा है। भाजपा इस वर्ष इसका विरोध किस आधार पर कर रही है, समझ में नहीं आ रहा है।

जदयू के संजय सिंह ने भी कहा कि उपहार लौटाना भाजपा की राजनीतिक चाल मात्र है। मालूम हो कि विधानसभा के चालू बजट सत्र में विभिन्न विभागों के सदस्यों को स्मार्टफोन से लेकर माइक्रोवेव ओवन और ट्रॉली बैग समेत कई उपहार बांटे जा रहे हैं।

विपक्ष का आरोप है कि जिन विभागों ने विधानमंडल के सदस्यों को गिफ्ट बांटे हैं, उनमें कई विभाग के कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन भी नहीं मिल पाता है।

 
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