बिहार में खुले नौ महीने बाद सभी स्कूल-कॉलेज, जारी किए यह दिशा-निर्देश

कोरोना वायरस महामारी की वजह से करीब नौ महीने तक बंद रहे बिहार के स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर समेत सभी शिक्षण संस्थान सोमवार से दोबारा खुल गए। राज्य सरकार ने कॉलेजों में अंतिम वर्ष के छात्रों और स्कूलों में 9वीं से 12वीं के छात्राओं की कक्षाएं शुरू की गई हैं। स्कूलों को दोबारा खोलने के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे।

इन दिशा-निर्देशों के अनुसार शिक्षण संस्थानों में मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग और उचित शारीरित दूरी का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा गया है। 14 मार्च से बंद शिक्षण संस्थानों में हालांकि पहले दिन छात्रों की उपस्थिति कम ही रही। कई अभिभावक अपने बच्चों को वैक्सीन लगाए जाने से पहले स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं।

स्कूलों को दोबारा खोलने को लेकर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा था कि कक्षाएं कुल छात्रों के आधे हिस्से के साथ संचालित होंगी और कोरोना वायरस के अन्य दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। परिसर में सबके लिए मास्क अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा था कि स्कूली बच्चों के बीच दो-दो मास्क वितरित किए जाएंगे।

स्कूलों के लिए जारी किए गए हैं ये दिशा-निर्देश
कक्षा नौ से बारहवीं कक्षा के लिए सरकारी और निजी दोनों स्कूलों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को चार जनवरी से फिर से खोलने का निर्णय 18 दिसंबर 2020 को संकट प्रबंधन समूह (सीएमजी) की बैठक में लिया गया था। स्कूलों में कक्षाएं सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियम के पालन की खातिर 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ चलेंगी।

कुमार ने कहा था कि मास्क के बिना उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। शिक्षकों को कोविड-19 दिशानिर्देशों के बारे में जागरूक किया जाएगा। संस्थान प्रबंधन अपने परिसरों का सैनिटाइजेशन सुनिश्चित करेगा। स्कूल के अधिकारी ध्यान देंगे कि कोई छात्र बुखार से पीड़ित तो नहीं या उसमें वायरस के कोई लक्षण तो नहीं हैं।

प्रधान सचिव ने कहा था कि छात्रों की चिकित्सीय जांच सरकारी स्कूलों में ‘बिना क्रम के’ (रैंडम) आधार पर की जाएगी। सूत्रों ने कहा कि कोचिंग सेंटरों को कक्षाओं के अंदर सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए कक्षाएं छात्रों की भौतिक मौजूदगी के साथ शुरू करने की योजना तैयार करनी होगी और क्षेत्रीय अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेनी होगी।

15 दिन होगी समीक्षा. 18 को आगे का फैसला
बिहार सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ एहतियात के तौर पर 14 मार्च, 2020 से सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, चिड़ियाघरों और सार्वजनिक पार्कों को 31 मार्च तक बंद करने की घोषणा की थी। लेकिन, 22 मार्च को राज्यव्यापी लॉकडाउन और  25 मार्च, 2020 को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा हो गई।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले, राज्य सरकार ने 28 सितंबर, 2020 से नौवीं से बारहवीं कक्षा के स्कूलों को फिर से खोलने की घोषणा की थी, लेकिन कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण स्कूल बंद ही रहे। प्रधान सचिव ने कहा कि 15 दिनों की स्थिति की समीक्षा करने के बाद 18 जनवरी को आगे निर्णय लिया जाएगा।

 

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