बिहार पुलिस के इस कारनामे को जानकर आपको होगी हैरानी, ना नाराज हो सकेंगे ना ही हंस सकेंगे..

जोकीहाट बस स्टैंड में 16 वर्ष पूर्व पटना के यारपुर निवासी पुष्प राज की पॉकेटमारी हो गई थी। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद अनुसंधान भी पूरा कर लिया। इस दौरान उसने अदालत द्वारा जारी एक भी आदेश का पालन नहीं किया।

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उधर, मामले के एकमात्र आरोपित कैशर ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शशिकांत राय की अदालत में आत्मसमर्पण कर स्वेच्छा से अपना दोष कबूल कर लिया। अदालत ने हाजिर हुए आरोपित के दोष स्वीकार करने और दोबारा भविष्य में गलती नहीं करने के कबूलनामा पर 16 वर्षो से लंबित इस मामले को अंतिम मुकाम पर ला दिया। आरोपित पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह मामला16 साल पहले दिनांक 31 मार्च 2003 को जोकीहाट थाने में दर्ज हुआ था।

पटना स्थित रायपुर निवासी पुष्प राज ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उनकी 1200 रुपये की पॉकेटमारी हुई थी। इस बीच जोकीहाट पुलिस ने मामले का अनुसंधान पूरा किया। इस मामले में गम्हरिया निवासी कैशर आरोपित किया गया।

अदालत ने आरोपित को हाजिर कराने को लेकर चार जनवरी 2012 को बेलेबल वारंट, 21मार्च 2012 को ननबेलेबल वारंट तथा 30 मई 2019 को कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया। लेकिन स्थानीय पुलिस ने अदालत के किसी आदेश का पालन नहीं किया।

इसी क्रम में अदालत की करीब एक सौ तारीखें निर्धारित हुईं। अंतत: अररिया के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने 16 वर्षों से लंबित इस मामले में तत्परता दिखाई और हाजिर हुए कैशर नामक एकमात्र आरोपित के दोष कबूलनामे के साथ फिर भविष्य में दोबारा गलती नहीं करने के बयान पर अपना फैसला सुनाया।

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