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बिजली उत्पादन निगम के एमडी टेक्निकल की जांच को मैनेज करने में जुटे प्यादे   

#हरदुआगंज के कातिल बीएस तिवारी को बचाने आए विधायक दलवीर, कल्याण अधिकारी मान सिंह, कारोबारी विकास जादौन.

#शुक्रवार को बीएस तिवारी से हुई पुलिस की पूछताछ, अब तिवारी द्वारा मामले को मैनेज करने की कवायद शुरू.

#हरदुआगंज के अपने वफादारों को किया सक्रिय, कल्याण अधिकारी मानसिंह को भेजा पुलिस के पास.

#आरके वाही जीएम हरदुआगंज भी बीएस तिवारी का प्यादा,तिवारी के कहने पर मानसिंह को नहीं कर रहा रिलीव.

#जबकि transferred को न रिलीव करने पर पनकी जीएम को हो चुकी है चार्जसीट.   

#स्थानीय विधायक और कारोबारी भी जांच अधिकारी को प्रभावित करने में जुटे.

#शासन भी हुआ सक्रिय Dirctorate of Factorys कानपुर के निदेशक के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन की भी जानकारी.

#यह जांच समिति शनिवार को हरदुआगंज पहुँच कर शुरू कर सकती है अपनी जांच.

लखनऊ : हरदुआगंज कांड के आरोपी, राख घोटाले में करोड़ों डकारने वाले और बिजली घर की मरम्मत के ठेके मे जमकर वारे न्यारे करने वाले बिजली निदेशक बीएस तिवारी को बचाने के लिए नेता, अफसर, कारोबारी जुट गये  है. हरदुआगंज में हुई मजदूरों की मौत को लेकर दर्ज FIR का विवेचना अधिकारी जवां थाने का दरोगा नीलेश शुक्रवार को लखनऊ में बीएस तिवारी से पूछताछ भी किया है. जिसके चलते बीएस तिवारी ने हरदुआगंज स्थित अपने कनेक्शन को सक्रिय करते हुए मामले को मैनेज करने की शुरुआत कर दी है और इस सन्दर्भ में कल्याण अधिकारी मानसिंह को जवां थाने के इंचार्ज से मिलने के लिए शुक्रवार को भेजा जा चुका है. यही नहीं बीएस तिवारी के सिपहसालार के तौर पर काम कर रहे हरदुआ गंज के जीएम आरके वाही, तिवारी के दबाव में मानसिंह को नहीं कर रहे रिलीव जबकि transferred को न रिलीव करने पर पनकी जीएम को हो चुकी है चार्जसीट. यह सब खेल ईमानदार की मूर्ती बने विभाग के चेयरमैन अलोक कुमार की सरपरस्ती में हो रहा है.

फोटो में उत्पादन निगम के निदेशक बीएस तिवारी के साथ विकास जादौन……

लेकिन बीएस तिवारी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं इसी बीच बीएस तिवारी के कारनामों की जांच हेतु अब सरकार भी सक्रिय हो गयी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक Dirctorate of Factorys कानपुर के निदेशक के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है जोकि आज शनिवार को ही हरदुआगंज पहुँच बीएस तिवारी के कारनामों की जांच करेगी.

बीएस तिवारी की गरदन फंसने और पुलिस जांच के आगे बढ़ते ही भाजपा विधायक दलवीर सिंह, लगातार तिवारी की सांठगांठ से माल कमाने वाला मेसर्स्र क्रिस ट्रेडर्स का मालिक विकास जादौन और विभाग के मुखिया सहित कई अन्य अधिकारी सक्रिय हो गए हैं. कभी गन्ना मंत्री रहते अपने एक विभागीय सचिव जोकि बाद में बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक भी रहे, के चलते बीएस तिवारी के करीब आए दलवीर सिंह ने बीएस तिवारी को बचाने के लिए अपने सारे घोड़े तक खोल दिए हैं. बताते हैं कि पहले दलबीर जब लोकदल सरकार में गन्ना मंत्री थे तब कामरान रिजवी उनके सचिव थे और इनके काफी करीबी थे. बीएस तिवारी को कामरान रिजवी से दलबीर ने ही मिलवाया था. कामरान रिजवी बिजली विभाग में प्रबंध निदेशक भी रह चुके हैं और नैश पम्प की अनावश्यक खरीद का प्रपोजल बीएस तिवारी ने अपने से नीचे के अधिकारियों पर दबाव बनाकर और कामरान रिजवी से अपने इसी संबंधों के बल पर उनके के एमडी रहते पास कराया था.

फोटो में हरदुआगंज जीएम आरके वाही के साथ विकास जादौन……

इसके अलावा मामले को मैनेज करने में एक बड़ा किरदार विकास जादौन जोकि मेसर्स कृष ट्रेडर्स का मालिक है को बीएस तिवारी ने इस काम में लगा रखा है. हरदुआगंज में जीएम रहते विकास जादौन और उसकी कम्पनी को उपकृत करने वाले बीएस तिवारी अभी बिना प्रयोजन खरीदे जाने वाले नैश पम्प की खरीद का काम भी विकास जादौन को देना चाहते हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ विकास जादौन, दलबीर का अत्यंत करीबी है और वह उनके हर कार्यक्रम में देखा जाता है.

फोटो में भाजपा विधायक दलबीर के साथ विकास जादौन……

फिलहाल बीएस तिवारी को बचाने और उसके कारनामों पर पर्दा डालने के काम मे लगे विधायक दलवीर, धनपशु जादौन के अलावा कल्याण अधिकारी मान सिंह की भी बड़ी भूमिका की चर्चा है. कल्याण अधिकारी मानसिंह की उपयोगिता हरदुआगंज के लिए इस कदर है कि अनपरा के लिए तबादला होने के बावजूद पिछले 4 साल से रिलीव नहीं किया जा रहा है, जबकि सीजेएम अनपरा ने मानसिंह को रिलीव किये जाने को लेकर कई पत्र भी लिख चुके हैं. उसको रिलीव न किये जाने के पीछे बीएस तिवारी का बड़ा हाथ है. जबकि लखनऊ उत्पादन निगम निदेशालय से ट्रान्सफर हुए अधिकारियो को रिलीव करने के कई कड़े निर्देश भी दिए जा चुके हैं. ऐसे में निदेशालय के निर्देशों के बावजूद मानसिंह को ना रिलीव करने के लिए हरदुआगंज के जीएम की भी भूमिका संदिग्ध है और बीएस तिवारी से  सेटिंग्स के चलते नहीं छोड़ा जा रहा है मानसिंह. क्यूंकि मानसिंह हरदुआगंज में बीएस तिवारी के कारनामों को मैनेज करने में अहम भूमिका अदा करता रहा है.

हरदुआगंज में तैनात बीएस तिवारी के मैनेजर की भूमिका में कल्याण अधिकारी मानसिंह के तबादले का पत्र……

मानसिंह को रिलीव करने के लिए मुख्य अभियंता हरदुआगंज को मुख्य अभियंता प्रशासन का पत्र…..

इन सबके बावजूद पिछले दिनों वर्तमान में विभाग के मुखिया अलोक कुमार की सरपरस्ती की भी बात सामने आयी  थी. ऐसे में शुचिता और इमानदारी का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा की इस सरकार में अब देखने वाली बात यह होगी कि वर्तमान में बीएस तिवारी के खिलाफ चल रही यह जांच कितने प्रभावी ढंग से अपना काम करती है. या फिर पिछली अखिलेश सरकार में  बिजली विभाग के चेयरमैन रहे संजय अग्रवाल की तरह जांच पर जांच बैठाकर मामले को पुनः दबा दिया जाता है.

बीएस तिवारी का एक और कारनामा….. नैश पम्प खरीद का रचा कुचक्र कैसे खुलासा अगले अंक में….

 

साभार,

अफसरनामा डाट काम

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