फेड ने 9 साल बाद भी नहीं बढ़ाई ब्याज दरें, स्‍टॉक, रुपए और गोल्‍ड पर ये होगा असर

us-federal-chmn-reserve_1अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने नौ साल के बाद भी ब्याज दरों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की है, ब्याज दरें 0.00 से 0.25 फीसदी पर बरकरार हैं। ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी नहीं होने का ग्लोबल मार्केट्स पर मिलाजुला असर ही देखने को मिल रहा है। एक्सपर्ट का कहना है कि फेड के फैसले के बाद अब नजरें आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के फैसले पर टिकी हैं। घरेलू स्‍टॉक मार्केट, रुपए और गोल्‍ड तीनों तेजी दिखा रहे हैं।
 
फेडरल रिजर्व ने क्यों नहीं बढ़ाई दरें
  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेनेट येलेन ने ब्याज दरें नहीं बढ़ाने की वजह ग्लोबल मार्केट में हो रही अनिश्चितता को बताया है।
  • जेनेट येलेन के अनुसार लेबर मार्केट में सुधार हो रहा है, लेकिन अभी और रिकवरी की जरूरत है।
  • महंगाई दर में बढ़ोत्तरी लक्ष्य से काफी पीछे है। एनर्जी कीमतों में लगातार गिरावट से महंगाई दर पर दबाव है।
  • जेनेट येलेन के अनुसार ग्लोबल इकोनॉमी में हो रहे तेज बदलाव का असर आगे चलकर ग्रोथ पर देखने को मिलेगा।
  • एक्सपोर्ट को लेकर अभी भी बेहतर संकेत नहीं मिल रहे हैं।
 
अब कब बढ़ेंगी दरें
  • अमेरिकी में ब्याज दरों की बढ़ोत्तरी को लेकर संशय बरकरार है। हालांकि, ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस और एक्सपर्ट मानते हैं कि दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। साथ ही अब दरों में मामूली बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद लगाई जा रही है।
  • विदेशी ब्रोकरेज हाउस बार्कलेज की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की उम्मीद काफी कम हो गई है। फेडरल रिजर्व चेयरमैन के बयान में भी काफी नरमी है। इसीलिए ब्याज दरें फिलहाल स्थिर ही रहेंगी, लेकिन इसका पॉजिटिव असर डेवलप मार्केट से ज्यादा इमर्जिंग मार्केट्स पर देखने को मिलेगा। इंडिया में भी फिर से एफआईआई के लौटने की पूरी उम्मीद है।
 
फेड के फैसले से मार्केट में उछाल
 
  • हफ्ते के आखिरी दिन सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी नहीं करने से मार्केट में उछाल आया है। आज के कारोबार में एनएसई के सभी सेक्टर इंडेक्स में खरीददारी का माहौल बना हुआ है। बैंक, ऑटो, रियल्टी इंडेक्स में दो फीसदी से ज्यादा की तेजी है। फिलहाल सेंसेक्स 300 अंक की तेजी के साथ 26,247 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी 1.10 फीसदी बढ़कर 7,983 के स्तर पर आ गई है।
  • प्रेसिजन इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के हेड अविनाश गोरक्षकर के मुताबिक फेडरल रिजर्व के निर्णय के बाद अब नजरें आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के फैसले पर टिकी हैं। आरबीआई 29 सितंबर से पहले ब्याज दर घटाने पर फैसला ले सकता है। इसका बड़ा असर घरेलू मार्केट पर देखने को मिल रहा है। साथ ही घरेलू मार्केट में भी कई बड़े ट्रिगर हैं। आज सेंसेक्स और निफ्टी में बड़े उछाल है।
  • बोनांजा पोर्टफोलियो के एवीपी पुनीत किनरा का कहना है कि टेक्निकल चार्ट्स पर निफ्टी ने लंबे कंसोलिडेशन के बाद ब्रेकआउट किया है। आज के कारोबार में निफ्टी में खरीददारी की जा सकाती है। ऊपर की ओर निफ्टी 7960 से 7980 का महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस रहेगा। वहीं, 7830 निफ्टी के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम करेगा।
 
सरकार की प्रतिक्रिया
  • इकोनॉमिक अफेयर सेक्रेट्री शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत फेड के फैसले के लिए तैयार था। उभरते बाजारों के लिए पॉलिसी एक्‍शन लेने का यह अच्‍छा मौका है। सरकार का फोकस अर्थव्‍यवस्‍था में स्थिरता लाना है। सरकार आगे भी आर्थिक सुधार के कदम उठाएगी। दास ने कहा कि चालू फाइनेंशियल ईयर 2015-16 में जीडीपी ग्रोथ 7.5 के ऊपर फीसदी हो जाएगी।
सोने की कीमतें दो हफ्ते के ऊपरी स्तर पर पहुंची
  • फेड के फैसले के बाद इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें दो हफ्ते के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई हैं, क्योंकि ब्याज दरें नहीं बढ़ाने से अमेरिकी करंसी डॉलर में तेज गिरावट आई है। इसका असर सोने की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। फिलहाल कॉमैक्स पर सोने के दाम 11 डॉलर बढ़कर 1127.80 डॉलर प्रति औंस हो गए हैं। वहीं, चांदी भी एक फीसदी बढ़कर 15.07 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। हालांकि एक्सपर्ट कहते हैं कि फेड के फैसले का असर शॉर्ट टर्म में तो सोने पर दिखेगा, लेकिन लॉन्ग टर्म के लिए अभी भी सोने पर दबाव देखने को मिलता रहेगा, क्योंकि चीन और इंडिया से फिजिकल डिमांड लगातार घट रही है।
रुपए में लौटेगी मजबूती
 
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी नहीं करने के फैसले का असर आज करेंसी मार्कट पर भी देखने को मिल रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपया आधा फीसदी की मजबूती के साथ खुला है। डॉलर के मुकाबले रुपया 30 पैसे की मजबूती के साथ 66.15/$ पर खुला है।
 
क्यों है रुपए में मजबूती
 
फॉरेक्स एक्सपर्ट कहते है कि बुधवार को देर रात हुए अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से डॉलर में तेज गिरावट देखने को मिली। यूरो के मुकाबले डॉलर 1.3 फीसदी लुढ़क गया था। इसीलिए आज रुपए में मजबूती लौटी है।
 
क्या कहते हैं फॉरेक्स एक्सपर्ट
 
फॉरेक्स एक्सपर्ट मानते है कि डॉलर इंडेक्स में गिरावट से रुपए को मजबूती मिलेगी। साथ ही आरबीआई के ब्याज दरें घटाने की उम्मीद और बढ़ गई है। इसीलिए शॉर्ट टर्म में रुपया और मजबूत हो सकता है।
 
अब क्या करें इनवेस्टर्स
 
ब्रोकरेज हाउस और एक्सपर्ट कहते हैं कि इनवेस्टर्स अब रेट सेंसेटिव स्टॉक्स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं। साथ ही हाल में आईगिरावट के बाद लार्जकैप स्टॉक्स भी अच्छी वैल्युएशन पर आ गए हैं।

 

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