प्रेम कहानी का यूं हुआ खौफनाक अंत: तीन सिर कटे शवों के मामले में हुआ सनसनीखेज खुलासा

गांव खरक के पास 17 जनवरी को मिले महिला व दो बच्चियों के शव के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। भिवानी के नया बाजार निवासी एक कबाड़ी ने भिवानी में कबाड़ चुनकर अपना गुजारा कर रही असम की मुस्लिम महिला को अपने प्रेमजाल मेें फंसाया। उससे एक और बच्ची होने पर दोनों का विवाद हुआ तो महिला, उसकी 12 साल व 3 साल की बेटी की हत्या कर डाली। तीनों के सिर काट कर रोहतक गेट स्थित प्लाट के अंदर ही दबा डाले, जबकि उनके धड़ एक ड्रम डाल कर गांव खरक के पास खेतों में फेंक दिए थे।







एक माह से जांच में जुटी CIA पुलिस के हत्थे लगे मुख्य आरोपित की निशानदेही पर गत सायं DSP जगदीप दुहन, ड्यूटी मजिस्ट्रेट SDM सतीश कुमार की मौजूदगी में CIA पुलिस टीम रोहतक गेट, द्रोणाचार्य स्कूल के सामने स्थित एक प्लाट पर पहुंची। पुलिस ने प्लाट के अंदर आरोपित की निशानदेही पर जमीन के अंदर दबाए गए महिला व उसकी दोनों बच्चियों के सिर तलाश किए।
पुलिस टीम ने जेसीबी की मदद से प्लाट में करीब तीन घंटे तक खुदाई की। रात तक सिर पुलिस जमीन से नहीं निकाल पाई। पुलिस को करीबी व्यक्ति ने घटना की दस दिन बाद ही इस पूरे मामले की परतें खोली दी थी, लेकिन पुलिस आरोपित के भाग जाने के कारण मामले को पूरी तरह से नहीं खोल पाई थी। शनिवार को पुलिस के हत्थे नया बाजार स्थित कबाड़ी की दुकान चलाने वाले राजेश खटीक हाथ लगा। उसकी निशानदेही पर सिरों को जमीन से निकालने का सर्च अभियान चलाया गया।
महिला की मदद करने वाले शख्स ने खोला इस तिहरे हत्याकांड का पूरा राज
गांव खरक के समीप 17 दिसंबर को प्लास्टिक के ड्रम के भीतर करीब 32 वर्षीय महिला, 12 व 3 साल की बच्ची की सिर कटी लाश मिली थी। इस हत्याकांड ने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया था। घटना के दस दिन बाद ही रोहतक गेट के समीप ही हैचरी दाने की दुकान चलाने वाले राधेश्याम शर्मा ने दैनिक जागरण में यह समाचार पढ़कर पुलिस की मदद कर महिला व उसकी बच्चियों को न्याय दिलाने के लिए हौसला दिया।
राधेश्याम पुलिस के पास पहुंचा और उसने बताया कि यह शव असम के जिला बरबड़ा की रहने वाली अबिजा खातून व उसकी बच्चियां हैं। उसने पुलिस को बताया कि कुछ समय पूर्व यह महिला उससे मदद मांगने के लिए आई थी। अबिजा खातून ने बताया था कि उसकी एक दस-बारह साल की लडक़ी नरगिस व तीन साल की बच्ची है।
अबिजा ने उसे बताया था कि वह पहले पति को छोड़कर भिवानी आई है और यहां पर कबाड़ चुनकर गुजारा करती है। इस दौरान उसकी मुलाकात नया बाजार में कबाड़ी की दुकान चला रहे राजेश खटीक से हुई। उसने उसकी बच्ची को व उसे सहारा देने की बात कह कर अपनी पत्नी बनाने का वादा किया था। उसे उमरावत में अपने एक प्लाट में बने कमरों पर लेकर रहने लगा।
राजेश ने उसे भरोसा दिया कि उसका पत्नी के साथ तलाक हो चुका है। राजेश से उसे सरकारी अस्पताल में बच्ची हुई। बाद में राजेश ने रोहतक गेट के समीप प्लाट में बने कमरे में किराये पर रखना शुरू कर दिया। यहां उनकी अनबन हुई और तेजधार हथियार से राजेश ने तीनों मां-बेटियों की हत्या कर सिर धड़ से अलग कर दिया। शवों की पहचान न हो इसके लिए उसने तीनों के सिर प्लाट के अंदर ही जमीन पर दबा दिए व धड़ ड्रम में डालकर गांव खरक के समीप फेंक दिए।
CIA पुलिस ने आरोपित को काबू कर सिरों को बरामद करने का सर्च चलाया
यूं तो पुलिस इस मामले में अधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन पुलिस इस पूरे मामले की तह तक पहुंच चुकी है। शनिवार को आरोपित को लेकर CIA इंस्पेक्टर रविंद्र, DSP जगदीप दुहन, SDM सतीश कुमार के नेतृत्व में रोहतक गेट पर एक प्लाट पर पहुंचे। वहां पर पुलिस ने मां-बेटियों के जमीन में दबे हुए शवों को निकालने के लिए आपरेशन चलाया।