पूरी तरह से हैरान कर देगी यह प्राचीन प्रथाएं, सुनकर ही जाएगे…

हम सब ने कभी न कभी अपनी दादी नानी से पुराने समय की कहानियां या बातें सुनी ही होंगी। उन बातों को सुनकर आज भी यह लगता है कि वह समय अपने आप में कितना अद्भुद रहा होगा। आज भी उस समय या उससे भी बहुत पहले के समय की कई किताबें हमें मिलती हैं। इन किताबों में उस वक्त के बारे ऐसा बहुत कुछ लिखा होता है जो आज भी पढ़ने वालों को रोमांचित कर देता है खासकर उस समय की अजीबो-गरीब प्रथाओं के बारे में। आज हम आपको उस समय की कुछ परम्पराओं के बारे में जानकारी दे रहें हैं, जो आज प्राचीन प्रथाएं कहलाती हैं। ये प्राचीन प्रथाएं अपने आप में कितनी अद्भुद और रोमांचकारी थीं। वह आप इस आलेख को पढ़ कर जान जाएंगे, तो आइये जानते हैं उन प्राचीन प्रथाओं के बारे में।

ये हैं पुराने समय की अद्भुद प्राचीन प्रथाएं –

1 – मानसिक रोग मुक्ति के लिए सिर में छेद

इस बारे में तो आप सब जानते ही हैं कि पुरातन समय में अंधविश्वास बहुत ज्यादा था। उस समय जो लोग मानसिक रूप से बीमार हो जाते थे। उन पर किसी बुरी आत्मा का साया माना जाता था। ऐसे लोगों की बीमारी दूर करने के लिए डॉक्टर के पास नहीं ले जाया जाता था बल्कि उन्हें किसी ओझा वगैरा के पास ले जाया जाकर उससे इलाज कराया जाता था। इस इलाज के दौरान मरीज को एक कुर्सी पर बैठा कर उसके सिर में ड्रिल कर छेद किया जाता था ताकि बुरी आत्मा को बाहर निकाला जा सके। इस प्रथा के कारण बहुत से लोगों की मौत भी हो जाती थी।

2 – सभी साथ बैठ कर करते थे शौच

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रोम के प्राचीन इतिहास को देखें तो वहां पब्लिक टॉयलेट व्यवस्था तो मिलती है पर वह बहुत अजीब थी। असल में ये टॉयलेट कुछ इस प्रकार के थे कि सभी लोग एक दूसरे के साथ बैठ कर ही टॉयलेट कर सकते थे। माना जाता है कि उस समय के समाज के अमीर लोग ही प्राइवेट टॉयलेट बनवाते थे। आम लोगों को एक दूसरे के साथ बैठ कर शौच करनी होती थी।

3 – जानवरों की शौच से बनती थी दवाएं

आपको जानकर हैरानी होगी कि प्राचीन समय में जानवरों की शौच का इस्तेमाल दवाओं के रूप में किया जाता है। आपको बता दें कि मगरमच्छ की शौच का यूज इसी क्रम में गर्भनिरोधक दवाएं बनाने में किया जाता था। नोज ब्लीडिंग को बंद करने के लिए सूअर की शौच का इस्तेमाल होता था तथा स्माल पॉक्स के लिए भेड़ की शौच का प्रयोग किया जाता था।

4 – पिता को होता था बेटी की हत्या का अधिकार

रोम की प्राचीन प्रथाएं बहुत अजीबोगरीब रहीं हैं। बता दें कि प्राचीन रोम में अपने विवाह के बाद भी लड़की अपने पिता के परिवार के साथ जुड़ी रहती थी। यदि पिता को कभी लगता था कि उसकी बेटी के द्वारा किये गए किसी कार्य की वजह से उसका नाम खराब हुआ है तो वह उसकी हत्या कर सकता था। यह उसका कानूनी अधिकार था।

5 – पत्नियों को बेचने का अधिकार

मध्यकाल में सभी महिलाओं पर उनके पतियों का ही अधिकार रहा था। महिलाओं का पति की प्रॉपर्टी पर कोई अधिकार नहीं था बल्कि वे खुद पति की प्रॉपर्टी थीं। 17 वीं शताब्दी के दौरान पति को अपनी पत्नी बेचने का हक भी था।

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