पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द सामान्य नही, हो सकती है ये बड़ी बीमारी

एक औरत होने के नाते हर महीने पीरियड्स में होने वाले दर्द हमारे लिए कोई नई बात नहीं है, क्योंकि हम सभी पीरियड्स के बारे में अच्छी तरह जानते हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि दर्द होने के अन्य कई कारण भी हो सकते हैं? हर 10 में से एक महिला इस बीमारी से जूझ रही है लेकिन अधिकतर महिलाओं को इस बीमारी का तब पता चलता है जब वे मां बनने का फैसला करती हैं। एक सर्वे के मुताबिक, दुनिया भर में करोड़ों महिलाएं इस बीमारी से जूझ रही हैं, लेकिन जागरूकता न होने से लोगों को पता नहीं चलता कि वे किसी बीमारी से ग्रस्त हैं।पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द सामान्य नही, हो सकती है ये बड़ी बीमारी

टिशू का आकार बढ़ने लगता है
एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी समस्या है, जिसमें यूटरस के अंदर पाया जाने वाला एक टिशू बढ़कर गर्भाशय यानी यूटरस के बाहर फैलने लगता है। यह टिशूअंडाशय, फैलोपियन ट्यूब या गर्भाशय के बाहरी हिस्सों में और अन्य आंतरिक हिस्सों में फैल सकता है। एंडोमेट्रियोसिस होने पर पीरियड्स के दौरान तेज दर्द हो सकता है। यह टिशू गर्भाशय के अंदर वाले टिश्यू जैसा ही होता है लेकिन पीरियड्स के दौरान यह बाहर नहीं निकल पाता है जिससे दर्द होता है। कभी-कभी यह टिश्यू निशान छोड़ देते हैं या द्रव से भरे अल्सर बनाते हैं। इससे महिलाओं की प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है।

गाइनिकॉलजिस्ट और आईवीएफ एक्सपर्ट डॉक्टर अनुभा सिंह कहती हैं कि अक्सर महिलाओं को इस बीमारी का तब तक पता नहीं चलता है जब तक वे प्रेग्नेंसी के दौर से नहीं गुजरती हैं। इन्फर्टिलटी की समस्या से जूझ रहीं एक तिहाई महिलाओं को एंडोमेट्रियोसिस बीमारी से ग्रसित पाया गया। एंडोमेट्रियोसिस बीमारी होने का मतलब यह नहीं है कि आप प्रेगनेंट नहीं हो सकती हैं।

आईवीएफ एक्सपर्ट फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि दरअसल, महिलाओं के प्रजनन अंग पर एंडोमेट्रियल ग्रोथ होने पर एग और स्पर्म का रास्ते में रूकावट आ जाती है। यूटरस पर पड़े निशान एग को फर्टिलाइज करने की प्रक्रिया में परेशानी खड़ी करते हैं और गर्भधारण नहीं हो पाता है।

18- 35 उम्र की 2 करोड़ पीड़ित
18 से 35 उम्रवर्ग की 2 करोड़ महिलाएं इस बीमारी से ग्रसित होती हैं। एंडोमेट्रिओसिस लाइफस्टाइल से उपजी बीमारी नहीं है। यह अधिकतर युवावस्था में होता है।

एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण
डॉक्टर अनुभा सिंह बताती है कि एंडोमेट्रियोसिस के मुख्य लक्षणों में से पीरियड्स के दौरान सामान्य से ज्यादा दर्द होना है। टिशू किस जगह पर बढ़ रहा है, उसके अनुसार बैक पेन, यूरिन करने के दौरान दर्द होना, पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग, अनियमित पीरियड्स, कब्ज, डायरिया, बार-बार पेशाब लगना, थकान, फिजिकल रिलेशनशिप बनाते समय या बाद में पेन जैसी प्रॉब्लम्स आपको आ सकती हैं।

एंडोमेट्रियोसिस के कुछ चक्रीय लक्षण भी होते हैं यानी महिलाओं के मासिक धर्म शुरू होने से पहले या कुछ समय बाद होने के दौरान ही नजर आते हैं। आंत्र समस्याएं जैसे समय-समय पर सूजन, शौच में दर्द, यूरीन में खून आना, गुदा से खून आना, कंधे का दर्द इत्यादि।

एंडोमेट्रियोसिस से महीने में कई बार ब्लीडिंग कई बार हो सकती है और नॉर्मल से अधिक भी। अगर आपके परिवार में किसी को एंडोमेट्रियोसिस है तो आपको यह बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। लक्षण दिखने पर अपने डॉक्टर से समय रहते सलाह लेना बेहद जरूरी है।

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