पाक ने फिर गाया करतारपुर कॉरिडोर और कश्मीर का राग, भारत ने लगाई फटकार

भारत ने पाकिस्तान को बृहस्पतिवार को एक बार फिर करतारपुर कॉरिडोर और कश्मीर का राग गाने के लिए फटकार लगाई। पाकिस्तान ने इमरान खान सरकार के लिए करतारपुर कॉरिडोर को ‘सबसे बड़ा कूटनीतिक प्रयास’ करार देते हुए कहा था कि कश्मीर मुद्दा हमारी प्राथमिकता में शीर्ष पर है। लेकिन इसके बाद भारत की तरफ से स्पष्ट कहा गया कि करतारपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट कूटनीतिक या राजनीतिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहल थी। कॉरिडोर की पहल का अर्थ यह नहीं है कि भारत बड़े मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ वार्ता शुरू करने के लिए तैयार है। पाक ने फिर गाया करतारपुर कॉरिडोर और कश्मीर का राग, भारत ने लगाई फटकार

बता दें कि पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने बृहस्पतिवार को इस्लामाबाद में कहा था कि कश्मीर मुद्दा पाकिस्तान की प्राथमिकता में शीर्ष पर ही रहा है। पाकिस्तान 5 फरवरी, 2019 को लंदन में कश्मीर में हिंसा के खिलाफ आयोजन का समर्थन करेगा और हमारे विदेश मंत्री भी उस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। फैसल ने कहा था कि अफगानिस्तान शांति वार्ता के साथ ही करतारपुर कॉरिडोर नई सरकार की कूटनीति का उच्च बिंदु था। 

प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को सितंबर में एक पत्र लिखकर आगे बढ़ने के लिए विस्तृत रोडमैप भेजा था, लेकिन नई दिल्ली पारस्परिक तौर पर विफल रही है। फैसल ने कहा कि भारत के वार्ता शुरू करने से इनकार करने पर भी पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर की नींव रखकर आगे बढ़ने का प्रयास किया था। 

बता दें कि प्रधानमंत्री इमरान ने नवंबर में पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक साहिब से जोड़ने वाले कॉरिडोर की नींव का पत्थर रखा था। गुरुद्वारा दरबार साहिब में ही सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने आखिरी सांस ली थी, इसके चलते यह सिख श्रद्धालुओं के लिए बेहद पवित्र स्थान माना जाता है और कॉरिडोर निर्माण का लक्ष्य इस स्थान तक भारतीय सिखों को साल भर वीजा मुक्त आवाजाही उपलब्ध कराना है। फैसल से जब यह सवाल पूछा गया था कि अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया में भारत की क्या भूमिका है तो उसने कहा, भारत की इसमें कोई भूमिका नहीं है।

लोकसभा चुनाव तक संबंध सुधारने की कोई कोशिश नहीं : सूत्र

लोकसभा चुनावों तक भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध सुधारने के लिए कोई भी अहम कदम उठाए जाने की संभावना नहीं है। केंद्र सरकार के अधिकृत सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। हालांकि उन्होंने किसी भी तरह के सकारात्मक बदलाव को भी निश्चित तौर पर खारिज नहीं किया। इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के स्टाफ के उत्पीड़न के ताजा मसले पर सूत्रों ने कहा, भारत अपने स्टाफ की संख्या नहीं घटाएगा। 

भारत की तरफ से लगातार आग्रहों के बावजूद पाकिस्तान ने अभी तक इस्लामाबाद में उच्चायोग के नए आवासीय परिसर में गैस कनेक्शन नहीं दिया है। सूत्रों ने बताया कि भारतीय स्टाफ बिना गैस कनेक्शन के ही इन आवासों में रहने के लिए शिफ्ट हो गया है। सूत्रों ने यह भी इशारा किया कि भारत जैसे को तैसा नीति भी अपना सकता है, जिसका तत्काल परिणाम देखने को मिलेगा।

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