पाकिस्तान क्रिकेट में ‘लिंग-भेद’! पूर्व कप्तान का फूटा गुस्सा

पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम का विमंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में प्रदर्शन फीका रहा। फातिमा सना के नेतृत्व वाली पाकिस्तान टीम को ग्रुप स्टेज में पांच में से चार मैचों में शिकस्त मिली। पाकिस्तान ने शनिवार को नीदरलैंड्स को मात देकर टूर्नामेंट में अपने अभियान का अंत किया।
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की खराब प्रदर्शन के कारण काफी आलोचनाएं हो रही हैं। इस बीच पाकिस्तान की पूर्व कप्तान सना मीर ने उ आलोचकों व फैंस को फटकार लगाई, जिन्होंने महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के प्रदर्शन को सेक्सिस्ट (लिंग-आधारित भेदभाव वाला) रंग दिया।
पुरुषों से सवाल क्यों नहीं?
याद हो कि नीदरलैंड्स के खिलाफ जीत दर्ज करने से पहले पाकिस्तान को महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
सना मीर का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने पुरुष टीम से सवाल नहीं करने के बारे में अपनी राय प्रकट की। मीर ने कहा कि जब पुरुष टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं करती तो क्या कोई यह कहता है कि खिलाड़ियों को किचन में रोटियां बनानी चाहिए?
दोहरे मापदंड दिखाई देते
पूर्व कप्तान ने कहा, “पुरुष और महिला टीमों के प्रदर्शन की बात करते समय मुझे दोहरे मापदंड दिखाई देते हैं। मैं आलोचना के लहजे से सहमत नहीं हूं। टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, लेकिन सिर्फ इसलिए कि यह महिला टीम है, इसमें लिंग-भेद वाला नजरिया क्यों लाया जाए?”
सना ने कहा कि टीम के प्रदर्शन से हर कोई निराश है, लेकिन जिस तरह से हम टीम के बारे में बात करते हैं, वह बात मुझे परेशान करती है। उन्होंने कहा, “इतने सालों के बाद भी हम महिला टीम के प्रदर्शन पर चर्चा करते समय उन्हें वह सम्मान नहीं देते जिसकी वे हकदार हैं।”
लड़कियों में काबिलियत है
उन्होंने कहा कि फैंस और आलोचकों को उन मुश्किलों को भी ध्यान में रखना चाहिए, जिनका सामना पाकिस्तान में लड़कियां प्रोफेशनल क्रिकेट शुरू करते समय करती हैं। उन्होंने कहा, “हमारे खिलाड़ी वैसी परफॉर्मेंस नहीं दे पाईं, जैसी हमें उम्मीद थी। सबको यह यकीन दिलाने में कई साल लग गए कि पाकिस्तान की लड़कियों में काबिलियत है और वे चौंकाने वाले नतीजे दे सकती हैं।”
सना ने इस बात पर भी जोर दिया कि सबसे पहले महिला क्रिकेट को लेकर लोगों की सोच बदलने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा, “जब तक हम यह सोच नहीं बदलेंगे, हम कहीं नहीं पहुंच पाएंगे।”
जेंडर के आधार पर आंका जाता
सना ने सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा महिला खिलाड़ियों का मजाक उड़ाने और गलत जानकारी फैलाने के लिए AI से बने वीडियो के इस्तेमाल की भी कड़ी आलोचना की। सना ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख तब होता है जब महिला टीम की परफॉर्मेंस को क्रिकेट के बजाय उनके जेंडर के आधार पर आंका जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुरुष टीम भी अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम नहीं रही थी, लेकिन क्या किसी ने उन खिलाड़ियों के बारे में ऐसी बातें कहीं?
सना ने कहा कि महिला क्रिकेट में टैलेंट का दायरा बढ़ाने और ज्यादा घरेलू टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए बहुत काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “यह सच है कि खिलाड़ियों को पता होता है कि टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए कोई कॉम्पिटिशन नहीं है और इसका असर उनकी सोच पर पड़ता है।”





