मार्च के पहले हफ्ते में जियो न्यूज पूरे देश के आर्मी की छावनियों के इलाकों और इसके आसपास के सेना द्वारा प्रशासित इलाके बंद कर दिया गया था. अब सभी जियो न्यूज चैनल, जिसमें न्यूज, इंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स चैनल पूरे देश में केबल ऑपरेटर्स द्वारा बंद किए जा रहे हैं. पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्युलेटरी अॅथॉरिटी ने संकेत दिया है कि इसके पीछे उसका कोई कदम नहीं है. अॅथॉरिटी ने केबल ऑपरेटर्स को नोटिस भी जारी किए हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कदम के पीछे इन चैनलों की आलोचनात्मक कवरेज हो सकती है. इसमें पाकिस्तान में आतंकवाद को वित्तीय पोषण की इस साल वॉच लिस्ट हो सकती है. हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स और आलोचनात्मक लेखों में आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बजवा और उनकी घरेलू और विदेश नीति में प्राथमिकता निशाने पर रही है. इसे बाजवा डॉक्ट्रिन के नाम से जाना जाता है. इससे भी जनरलों में गुस्सा है. इस हफ्त पत्रकारों के हितों की रक्षा करने वाली कमेटी ने भी जियो नेटवर्क पर सेंसरशिप पर चिंता जताई थी.