पाकिस्तान के किसान भी बढ़ा रहा भारत में प्रदूषण, बड़े स्तर पर जलाई जा रही धान की पराली….

पंजाब समेत उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में इन दिनों पराली जलाने से बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए सिर्फ यहां के किसान जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि सीमा पार पाकिस्तान के किसान भी जिम्मेदार हैं। पाकिस्तान के जिलों में बड़े स्तर पर धान की पराली जलाई जा रही है। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर (PRSC) द्वारा ली गई सेटेलाइट तस्वीरों से इसका पता चलता है। पाकिस्तान के अलावा पंजाब व हरियाणा के जिलों में भी पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैैं। उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी पाकिस्तान में जलाई गई पराली से पंजाब सहित उत्तर भारत के राज्यों में काफी प्रदूषण फैला था।

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पीआरएससी दो सप्ताह से पराली जलाने वालों पर नजर रख रहा है। पीआरएससी के एग्रो इको सिस्टम व क्रॉप माडलिंग डिवीजन द्वारा दस अक्टूबर को ली गई ताजा सेटेलाइट तस्वीरों को देखकर पता चलता है कि सीमा पार भी काफी पराली जलाई जा रही है।

विभाग के प्रमुख डॉ. अनिल सूद के अनुसार वह 23 सितंबर से पूरे पंजाब में धान की कटाई के बाद खेतों में बची पराली को आग लगाने की घटनाओं की सेटेलाइट के जरिए मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इस दौरान फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों के साथ लगते पाकिस्तानी क्षेत्र में जहां धान की काफी खेती होती है वहां पराली जलाई जा रही है। खासकर लाहौर और इसके साथ लगते क्षेत्रों में।

दूसरी तरफ यह बात भी सामने आई है कि पिछले कुछ दिनों से हवा का रुख उत्तर पश्चिम चल रहा है। ये हवाएं पाकिस्तान से भारत में आती हैं। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) की मौसम विभाग की प्रमुख डॉ. प्रभजोत कौर के अनुसार पाकिस्तान की तरफ से आने वाली हवा का असर भारत के पंजाब पर पड़ना लाजिमी है। पाकिस्तान में पराली जलाने की वजह से स्मोक इकट्ठा होगा और हमारे यहां हवाओं के पहुंचने पर प्रदूषण स्तर बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि चार अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक दोपहर बाद लगातार उत्तर पश्चिम हवाएं ही चल रही हैैं।

अमृतसर, तरनतारन व पटियाला में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ीं

पीआरएससी द्वारा ली गई सेटेलाइट तस्वीरों में अमृतसर, तरनतारन व पटियाला में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैैं। दस अक्टूबर को ली गई तस्वीरों में अमृतसर में 47 घटनाएं, तरनतारन में 26 और पटियाला में 20 घटनाएं देखी गई हैं। इसके अलावा संगरूर व मोगा में छह-छह, जालंधर व फरीदकोट में पांच-पांच, कपूरथला व फिरोजपुर में चार-चार घटनाएं दर्ज की गई हैैं।

अंबाला, करनाल व कैथल भी पीछे नहीं

पीआरएससी के एग्रो इको सिस्टम व क्रॉप माडलिंग डिवीजन द्वारा ली गई तस्वीरों के अनुसार हरियाणा के अंबाला, कैथल व करनाल में भी पराली जलाने के काफी मामले देखे जा रहे हैं।

भारत सरकार पाकिस्तान से करे बात

खेतीबाड़ी व किसान भलाई विभाग पंजाब के डायरेक्टर स्वतंत्र कुमार एरी का कहना है कि पंजाब को तो यूं ही बदनाम किया जाता है। पाकिस्तान में भी पराली जलाई जा रही है। इसका असर हमारे पंजाब पर भी पड़ेगा ही। हम भारत सरकार से अपील करंगे कि वह पाकिस्तान से इस मसले पर बात करे जिससे पराली जलाने के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।

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