पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर हुआ ये बड़ा फेरबदल, मुश्किल में इमरान खान की सरकार

पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है. ऐसा फेरबदल जिसकी वजह से इमरान सरकार खतरे में पड़ सकती है. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीपीपी के वरिष्ठ नेता यूसुफ रज़ा गिलानी इस्लामाबाद से सीनेट चुनाव 169 वोटों के साथ जीत गए. पाकिस्तान में ऊपरी सदन यानि सीनेट की 37 सीटों के लिए चुनाव हुए थे और बुधवार को आए नतीजे अपने साथ बड़ा उलटफेर भी लेकर आए, क्योंकि PTI बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भी इस्लामाबाद सीट उनके हाथ से निकल गई. इमरान के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर शेख को पीपीपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने हरा दिया.

मुश्किल में इमरान खान की सरकार

इस्लामाबाद में सीनेटर चुनने के लिए हुए मतदान में कुल 340 वोट पड़े थे. डॉक्टर शेख को सिर्फ 164 वोट मिले, जबकि गिलानी के समर्थन में 169 वोट पड़े. सात वोटों को अवैध करार दिया गया. दिलचस्प बात ये है कि PTI के 9 सांसदों ने गिलानी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की. जिसकी बदौलत गिलानी जीत गए.

आपको बता दें कि चुनाव पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली का नहीं बल्कि सीनेट का था मगर इस्लामाबाद सीनेट के चुनाव में नेशनल एसेंबली के सदस्य हीं वोट करते हैं. आपको बता दें कि काफी समय से दबी ज़बान से ये चर्चा गर्म है कि इमरान सरकार में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, फवाद चौधरी और परवेज़ खट्टर खुद प्रधानमंत्री बनने के ख्वाब देख रहे, ऐसे में गिलानी की जीत इमरान खान के लिए बड़ी चिंता का विषय हो सकती है.

मरियम-नवाज का इमरान खान पर हमला

गिलानी की जीत के साथ हीं विरोधी दलों के मोर्चे PDM के नेता मरयम नवाज़ शरीफ और बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने इमरान खान पर हमला बोल दिया है. मरयम नवाज़ शरीफ ने पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली में इमरान सरकार के खिलाफ नो कांफिडेंस मोशन लाने का ऐलान कर दिया है, जिस पर फैसला 11 दलों के मोर्चे PDM की बैठक में होगा, तो वहीं बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने गिलानी की इस जीत के बाद इमरान खान के इस्तीफे की मांग कर दी है. उधर, इमरान खान की पार्टी ने यह फैसला किया है कि अगर वह संसद में अविश्वास प्रस्ताव में सफल नहीं होता है तो वे एसेंबली को भंग देंगे और फिर से चुनाव कराएंगे.
आपको बता दें की पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली में कुल 342 सीटें हैं जिनमें से 272 चुन के आते और बाकी मनोनीत होते हैं. ऐसे में अगर नो कांफिडेंस में विपक्ष आधे से एक ज़्यादा वोट पाने में कामयाब हो गया तो इमरान सरकार गिर सकती है. अब देखना दिलचस्प होगा कि इमरान विपक्ष द्वारा नो कांफिडेंस मोशन और उससे भी ज़्यादा खुद उनकी पार्टी में हुई उनके खिलाफ इस साज़िश से निपट पाते हैं या नहीं.

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