परम्परागत उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार ने पहले से लागू की है अनेक योजनाएं

  • ओ0डी0ओ0पी0 योजना के तहत दक्षता, कौशल विकास, उद्यमिता विकास प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण आदि को भारत सरकार सहित अन्य सम्बन्धित योजनाओं व तकनीकी संस्थाओं से जोड़ा जाए
  • इससे ओ0डी0ओ0पी0 योजना के लाभार्थियों को प्रोत्साहन के साथ-साथ उनकी दक्षता, कौशल विकास व उद्यमिता विकास को बढ़ावा मिलेगा
  • ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना को साकार करने में ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ बहुत बड़ी भूमिका का निर्वहन करते हुए इस संकल्प को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही
  • योजनाओं के बीच समन्वय करते हुए लाभार्थियों को प्रशिक्षण, टूलकिट वितरण आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं और उन्हें लाभान्वित किया जाए
  • मुख्यमंत्री के समक्ष ओ0डी0ओ0पी0 योजना के अन्तर्गत दक्षता, कौशल विकास व उद्यमिता विकास प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओ0डी0ओ0पी0) योजना के तहत दक्षता, कौशल विकास, उद्यमिता विकास प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण आदि को भारत सरकार सहित अन्य सम्बन्धित योजनाओं व तकनीकी संस्थाओं से जोड़ा जाए। इससे ओ0डी0ओ0पी0 उत्पाद से सम्बन्धित लाभार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, लाभार्थियों की दक्षता, कौशल विकास व उद्यमिता विकास को बढ़ावा मिलेगा। इनके अलावा उन्हें टूलकिट वितरण में भी आसानी होगी। उन्होंने कहा कि ओ0डी0ओ0पी0 योजना को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इसके माध्यम से कारीगरों, हस्तशिल्पियों व उद्यमियों को और प्रोत्साहित किया जाए।


मुख्यमंत्री जी के समक्ष आज यहां अपने सरकारी आवास पर ओ0डी0ओ0पी0 कार्यक्रम के अन्तर्गत दक्षता, कौशल विकास व उद्यमिता विकास प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सम्भावनाओं वाला राज्य है। इन सम्भावनाओं को मंच तथा प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। प्रदेश में परम्परागत उद्यम के लिए बहुत सारी सम्भावनाएं हैं। इसीलिए प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार द्वारा ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ की अभिनव योजना प्रारम्भ की गयी। परम्परागत उत्पादों को प्रोत्साहित करना इस योजना का उद््देश्य है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना को साकार करने में ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ बहुत बड़ी भूमिका का निर्वहन करते हुए इस संकल्प को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही है। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए ओ0डी0ओ0पी0 के तहत परम्परागत उद्योग और क्षेत्र विशेष के उत्पादों को प्रोत्साहित करने से ‘वोकल फाॅर लोकल’ के अभियान को बल मिलेगा। इसके लिए गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परम्परागत उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार ने अनेक योजनाएं पहले से लागू की हैं। इन योजनाओं के बीच समन्वय करते हुए लाभार्थियों को प्रशिक्षण, टूलकिट वितरण आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं और उन्हें लाभान्वित किया जाए।

मुख्यमंत्री जी को अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 एवं सूचना श्री नवनीत सहगल ने अवगत कराया कि ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के अन्तर्गत कारीगरों, हस्तशिल्पियों व उद्यमियों को लाभान्वित किया जा रहा है। इस योजना के तहत अब तक 41,472 हस्तशिल्पियों व उद्यमियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है तथा 39,073 टूलकिट वितरित किये जा चुके हैं।


इस अवसर पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री संजीव कुमार मित्तल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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