पति ने फोन पर बोला तलाक तो पत्नी ने अपना लिया हिंदू धर्म

नई दिल्ली: ट्रिपल तलाक के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं अब मुखर होकर सामने आ रही हैं। बिजनौर की एक पीड़ित महिला ने पति के तलाक से परेशान होकर हिंदू धर्म अपना लिया है। महिला ने साथ ही पीएम मोदी से मदद की गुहार लगाई है। उसके पति ने कतर से फोन पर तीन तलाक दे दिया था।

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ट्रिपल तलाक के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं

इससे पहले सहारनपुर सहित वेस्ट यूपी के कई जिलों की मुस्लिम महिलाएं ट्रिपल तलाक को लेकर बीजेपी से अपने चुनावी वादे पूरे करने की डिमांड कर चुकी हैं।

वहीं, गुरुवार को मुजफ्फरनगर में करीब 25 पीड़ित महिलाओं ने डीएम से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। कतर से पति ने फोन पर दिया तलाक ट्रिपल तलाक की मार झेल रही बिजनौर की एक महिला ने अब पीएम नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है।

कतर से टेलिफोन पर पति ने तलाक दे दिया है। उसने हिंदू धर्म अपना लिया है लेकिन अब वह पति को सजा दिलाने और खुद के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है।

पीड़िता का कहना है कि उसने बीजेपी को वोट दिया, अब पीएम को अपना वादा पूरा करना चाहिए। बिजनौर निवासी महिला अरीबा खान के मुताबिक उसकी शादी 11 अप्रैल 2012 को नहटौर में महमूद इशहाक के साथ हुई थी। उसका पति खाड़ी देश कतर में सिविल इंजिनियर है। शादी के बाद से ससुराल में उसको परेशान किया जाने लगा। एक साल बाद उसके एक बेटी हुई।

काफी मनाने और जिद करने पर उसका पति मां बेटी को कतर ले गया। सात-आठ महीने वहां रखा। उसके बाद अपनी नौकरी छूटने की बात कहकर उन्हें और बेटी को बिजनौर छोड़ गया। कुछ दिन बिजनौर में साथ रहने पर दिल्ली और मुंबई में नौकरी की तलाश का बहाना कर फिर से कतर चला गया। इसी दौरान 9 अप्रैल 2015 को कतर से ही टेलिफोन पर उसे तलाक दे दिया।

अरीबा का कहना है कि रिश्ता बनाकर रखने की काफी कोशिश की लेकिन पति नहीं माने। मजबूर होकर उसने नहटौर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी। तभी से न्याय के लिए वह लड़ रही हैं। उसका कहना है कि तीन तलाक का मुद्दा खत्म करने के पीएम मोदी के भरोसे देने के बाद उसने बीजेपी को वोट किया था। अब केंद्र और प्रदेश में सरकार बीजेपी की है, इस क्रूरतम ट्रिपल तलाक के मुद्दे को खत्म किया जना चाहिए। अरीबा के पिता जावेद खान और मां रूबीना भी पीएम से मदद की उम्मीद कर रहे हैं। डीएम से मिलीं महिलाएं मुजफ्फरनगर में गुरुवार को करीब 25 मुस्लिम महिलाएं डीएम ऑफिस पहुंची।

इनमें पीड़ित नाजिया खान ने बताया की हमें ससुरालवालों ने घर से बाहर निकाल रखा है। हमने कोर्ट में भी केस कर रखा है। नाजिया का कहना है कि शहर में महिलाओं की एक अलग से संस्था बनाई जाए, जहां तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल सके। नाजिया ने कहा कि हम लोग तीन तलाक के बिल्कुल खिलाफ हैं। हम चाहते हैं कि सरकार इस पर बैन लगाए। तीन तलाक का फेवर करने वालों के खिलाफ सरकार कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि जिन मस्जिदों में तीन तलाक दी जा रही है, वहां ताला जड़ दिया जाए। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर कोर्ट में करीब पांच हजार महिलाओं के मामले पेंडिंग हैं।

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