निर्भया के दोषियों का नही काम आया कोई हथकंडा, कल होगी चारों दोषियों को फांसी…

निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में दोषियों में से एक, पवन गुप्ता की क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया गया है. वहीं पवन और अक्षय की दूसरी दया याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दिया है. इसके बाद अब ऐसा माना जा रहा है कि चारों दोषियों को कल सुबह 5:30 बजे फांसी दे दी जाएगी. इस बार दोषियों की फांसी में कोई अड़चन नजर नहीं आ रही है.

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वहीं, दिल्ली की तिहाड़ जेल में निर्भया मामले के चारों दोषियों को फांसी देने के लिए पवन जल्लाद ने बुधवार को पुतलों को फांसी देकर अभ्यास किया. दोषियों को शुक्रवार को फांसी दी जानी है. जेल अधिकारियों ने बताया कि पवन मंगलवार को मेरठ से राजधानी पहुंचे और उन्होंने रस्सी से पुतलों को फांसी देकर अभ्यास किया. इस रस्सी का इस्तेमाल दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाने के लिए होगा.

तिहाड़ जेल के इतिहास में यह पहली बार होगा जब एक ही अपराध के लिए एक ही समय पर चार दोषियों को फांसी दी जाएगी. पवन अपने परिवार में तीसरे पीढ़ी के जल्लाद हैं. उन्होंने पहले कहा था कि उनके दादा ने सतवंत सिंह और केहर सिंह को फांसी पर लटकाया था. इन दोनों को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के संबंध में फांसी दी गई थी. इसके अलावा उनके दादा ने कुख्यात अपराधी रंगा और बिल्ला को भी फांसी दी थी.

तीन बार टले डेथ वारंट

आपको बता दें कि 5 मार्च को एक निचली अदालत ने मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को फांसी देने के लिए नया डेथ वारंट जारी किया था. चारों दोषियों को 20 मार्च को सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दी जाएगी. अदालत ने डेथ वारंट को तीन बार इस आधार पर टाल दिया था कि दोषियों के सभी कानूनी विकल्प समाप्त नहीं हुए हैं और एक या अन्य दोषियों की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है.

16 दिसंबर 2012 की रात…

गौरतलब है कि दिल्ली में 23 साल की छात्रा के साथ 16 दिसंबर 2012 की रात को एक चलती बस में बर्बरता के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था. इस घटना के करीब 15 दिन बाद पीड़िता की सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी. इस घटना ने देश को हिला दिया था. पीड़िता को निर्भया नाम से जाना गया.

इस मामले में छह लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें एक नाबालिग शामिल था. वहीं छठे व्यक्ति राम सिंह ने मामले में सुनवाई शुरू होने के कुछ समय बाद खुदकुशी कर ली थी. वहीं नाबालिग को 2015 में रिहा कर दिया गया था. उसने सुधार गृह में तीन साल का समय बिताया था.

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