निधन के बाद मृत्युभोज का पैसा अब बेटियों की पढ़ाई पर किया जाएगा खर्च

गुना। समाज से मृत्युभोज जैसी कुरीति मिटाने की पहल जिले के चांचौड़ा ब्लॉक के मोईखेजड़ा गांव से हुई है। यहां मीना समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष जगदीश मीना ने अपने पिता की मौत के बाद मृत्युभोज न कराने का संकल्प लिया है। जगदीश मृत्युभोज पर खर्च होने वाली राशि बेटियों की पढ़ाई पर खर्च करेंगे। वे भोपाल में बन रहे बेटियों के छात्रावास के लिए 5 लाख स्र्पए दान करेंगे। जिला व ब्लॉक में बेटियों के छात्रावास के लिए दान करेंगे। जगदीश मीना के पिता जमनालाल का 105 वर्ष की आयु में दो नवंबर 2017 को निधन हो गया था।
खुद से करनी होगी शुरुआत
जगदीश मीना कहते हैं कि समाज की कुरीतियों को समाप्त करना है। समाज सुधार के लिए काम करना है तो शुरुआत खुद से करनी होगी। तभी उसका प्रभाव आने वाले समय में देखने को मिलेगा। साथ ही इससे समाज के दूसरे लोग भी प्रभावित होंगे। जगदीश बताते हैं कि पिता दहेज प्रथा के भी विरोधी थे। उन्होंने मेरी शादी बिना दहेज के कराई थी। उन्हीं की इस अच्छी पहल को आगे बढ़ाया जाएगा।
स्थानीय छात्रावास के लिए भी देंगे दान
मीना ने कहा कि राजधानी भोपाल के मिसरोद में सरकार की आवंटित जमीन पर मीना समाज का हॉस्टल बनाया जा रहा है। इसके लिए जगदीश भी राशि दान करेंगे। उन्होंने बताया कि जिला या ब्लॉक स्तर पर हॉस्टल बनाए जाने पर भी आर्थिक सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के नाम जमीन आवंटित होने पर वे छात्रावास निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग करेंगे।
समाज के लिए साहसिक कदम
मृत्युभोज जैसी कुरीति को समाप्त करने समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष जगदीश मीना ने साहसिक कदम उठाया है। इस निर्णय से समाज को दिशा मिलेगी। मृत्युभोज बंद करने की शुरुआत क्षेत्र में मोईखेजरा से हो गई है। इस प्रकार समाज सुार की दिशा में समाज के लोग इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं – कैलाश नारायण, जिलाध्यक्ष, मीना समाज सेवा संगठन





