नहीं रहे खुद को साईं बाबा का अवतार बताने वाले बाला साईं…

आधात्यमिक गुरु बाला साईं बाबा का मंगलवार को हैदराबाद स्थित एक अस्पताल में निधन हो गया. सोमवार देर रात बाला सांई को सीने में दर्द की समस्या के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था.नहीं रहे खुद को साईं बाबा का अवतार बताने वाले बाला साईं...

कौन हैं बाला साईं बाबा
बाला साईं, जिनका वास्तविक नाम सत्यनारयणा राजू था, पुट्टपर्ति के ही एक गरीब परिवार में 23 नवंबर 1926 को जन्मे. सत्यनारायणा एक भाई और दो बहनों के बाद सब से छोटे थे. गरीब परिवार में जन्में बाला साईं के माता और पिता दोनों ही मजदूरी किया करते थे और परिवार का भ्रण-पोषण किया करते थे. 

कहा जाता है कि बाला साईं जब स्कूल में थे तभी से उनके अंदर जीवन की लगन को छोड़कर धार्म की राह पर चलने की भावना को ठाना था. स्कूल के दिनों में तो परिवार ने उनकी बातों को समझा, लेकिन महज 14 साल की उम्र में उन्होंने यह ऐलान करके सबको चौंका दिया कि वह शिर्डी के साईं बाबा के नए अवतार हैं. वह इस दुनिया में भोग-विलास नहीं बल्कि भटके हुए लोगों को रास्ता दिखाने के लिए आए हैं.

बाला साईं बाल अवस्था से ही भजन-कीर्तन करने में परिपूर्ण थे, लेकिन साईं बाबा के अवतार की घोषणा करने के बाद उन्होंने इस कला को त्याग दिया और आध्यात्म की राह चलकर लोगों को संदेश देना शुरू किया, लेकिन 1950 के बाद उनके अनुयायी की संख्या में इजाफा हुआ.

दुनिया भर में फैले भक्त
एक क्षेत्र में अनुयायी की संख्या बढ़ने के बाद बाला साईं का प्रभाव सारी दुनिया में देखने को मिला. जैसे-जैसे उनके चमत्कारों की बात फैलने लगी, उनके पास भक्तों की भारी संख्या आने लगी. आज बाला साईं के पास दुनियाभर में कई आश्रम हैं.

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