नहीं रही दुनिया की पहली क्लोन गाय, जापान में इस तरह से हुई मौत

विश्व की पहली ‘कागा’ नाम की क्लोन गाय की प्राकृतिक कारणों से मौत हो गई. उसकी उम्र 21 साल तीन माह थी. उसकी मौत उसी रिसर्च सेंटर में हुई, जहां इसका जन्म हुआ था. इस बात की जानकारी सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को दी.

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एफे न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, कागा का जन्म जुलाई 1998 में इशीकावा प्रीफेक्चरल लाइव्सस्टॉक रिसर्च सेंटर और किनकी विश्वविद्यालय में संयुक्त शोध के तहत हुआ था.

किनकी विश्वविद्यालय का नाम बदलकर अब किंदाई विश्वविद्यालय हो गया है. इसी विश्वविद्यालय ने दो साल पहले ब्रिटिश में एक भेड़ डॉली को भी जीवनदान दिया है.

जुड़वा गायें कागा और नोटो का जन्म गोजातिय क्लोन प्रक्रिया के तहत हुई थी. नोटो की मौत मई 2018 में हो चुकी है.

कागा की वृद्धावस्था में ऐसे हुई मौत

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रिसर्च सेंटर के अधिकारियों ने स्थानीय समाचार एजेंसी क्योडो को बताया कि कागा, जिसकी मौत वृद्धावस्था में हुई है, उसे सितबंर से ही चलने फिरने में परेशानी हो रही थी. उसे पोषण आहार दिए जा रहे थे और उसके पैरों में एंटी फ्लेमेंटॉरी ड्रिप भी दिए गए थे.

हालांकि अक्टूबर के शुरुआत से ही वह खड़ी नहीं हो पा रही थी और बुधवार को उसे मृत घोषित कर दिया गया.

साल 2006 में इशीकावा सेंटर में करीब 14 गायों के क्लोन को जन्म दिया गया था. हालांकि इनके मांस के वितरण को देश में साल 2009 में प्रतिबंधित कर दिया गया था.

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