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धार्मिक हो जाने पर आप रहते हैं पहले से अधिक स्‍वस्‍थ और सुखी, जानिए कैसे?

अधिकांश लोग धार्मिक कार्यों में रुचि लेते हैं इसलिए क्‍योंकि वे अपने ईश्‍वर में सच्‍ची आस्‍था रखते हैं। मगर क्‍या आप जानते हैं कि धर्म-कर्म के कार्यों से न सिर्फ आप अपने ईश्‍वर को प्रसन्‍न करते हैं बल्कि खुश भी स्‍वस्‍थ और सुखी रहने का मार्ग प्रशस्‍त करते हैं। इन 7 तरीको को अपनाकर आप धर्म के माध्‍यम से सुखी और स्‍वस्‍थ भी रह सकते हैं…धार्मिक हो जाने पर आप रहते हैं पहले से अधिक स्‍वस्‍थ और सुखी, जानिए कैसे?

जंक फूड से दूर करने में मददगार
जब आप धार्मिक कार्यों में रुचि लेना शुरू कर देते हैं तो आप स्‍वत: ही जंक फूड का सेवन कम कर देते हैं। जंक फूड का सेवन कम करने का अर्थ है स्‍वास्‍थ्‍य की बेहतरी।

धार्मिक लोगों की आयु होती है अधिक
धर्म-कर्म में हिस्‍सा लेने वालों की उम्र नास्तिक लोगों से अधिक होती है। ऐसा इसलिए होता है कि अधिकांश धार्मिक लोग धूम्रपान करना छोड़ देते हैं।

चेहरे पर सदैव रहती है मुस्‍कान
अमेरिकन सोसिऑलजिकल रिव्‍यू नामक जर्नल में वर्ष 2010 में प्रकाशित एक रिसर्च में बताया गया है कि धार्मिक लोग गैर धार्मिक लोगों की तुलना में अधिक खुश रहते हैं। यह खुशी धार्मिक कार्यों में रोजान हिस्‍सा लेने पर पैदा होती है।

आत्‍मविश्‍वास में होता है इजाफा
धार्मिक गतिविधियों से आपके आत्‍मविश्‍वास में भी इजाफा होता है। जनवरी 2012 के एक अध्‍ययन में बताया गया है कि लोगों का व्‍यवाहारिक तौर पर अध्‍यययन करने से पता लगता है कि पूजा पाठ करने वाले लोगों में बाकी लोगों की तुलना में आत्‍मविश्‍वास अधिक रहता है।

गुस्‍से पर काबू
ईश्‍वर में आस्‍था रखने वाले अपने गुस्‍से पर काबू करने की भी ताकत रखते हैं। 2010 के एक अध्‍ययन में बताया गया है भगवान को नहीं मानने वाले लोग अपने जीवन में अधिक गलतियां करते हैं।

डिप्रेशन से रहते हैं दूर
अमेरिकन जर्नल ऑफ साइकायट्री में 1998 में प्रकाशित एक अध्‍ययन में बताया गया है कि अस्‍पताल में भर्ती किए जाने वाले ऐसे बुजुर्ग लोग जो कभी अपने जीवन में भगवान को मानते थे, उनके जल्‍दी स्‍वस्‍थ होने की संभावना बाकी लोगों से अधिक होती है। इसके साथ ही य‍ह बात भी सामने आई कि भगवान को मानने वाले डिप्रेशन में नहीं जाते।

ब्‍लड प्रेशर रहता है सही
दुनिया भर में हुए कई अध्‍ययनों में बताया जा चुका है कि भजन कीर्तन में समय बिताने वाले लोगों का ब्‍लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है। वह लोग जो अक्‍सर मंदिर और चर्च में जाकर भगवान के आगे सिर झुकाते हैं, उनके सभी तनाव छू-मंतर हो जाते हैं और इस कारण उनका ब्‍लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है

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