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दुष्कर्मियों देख रहे अश्लील फिल्में शराब के नशे में दे रहे वारदातों को अंजाम

उप-राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने देश में लगातार सामने आ रहीं दुष्कर्म की घटनाओं के संदर्भ में अश्लील फिल्मों द्वारा परोसी जा रही अश्लीलता पर चिंता जताई है। अतएव सांसदों की एक समिति से सार्थक उपाय सुझाने का निर्देश दिया है। दरअसल आसान संचार तकनीक ने स्मार्टफोन के जरिये अश्लीलता परोसकर समाज की चिंता बढ़ा दी है।

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टेलीकॉम कंपनियों द्वारा सस्ती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे डाटा का 80 प्रतिशत उपयोग मनोरंजन व अश्लील सामग्री देखने में हो रहा है। जबकि इसे सूचनात्मक ज्ञान बढ़ाने का आधार बताया गया था। दुनिया भर के समाजशास्त्री, राजनेता, कानून विद और प्रशासनिक अधिकारी स्वीकार रहे हैं कि बढ़ते यौन अपराधों का यह एक बड़ा कारण है। चूंकि इंटरनेट पर नियंत्रण विदेशी कंपनियों के हाथों में है, इसलिए वह हर तरह की अश्लील सामग्री परोसकर भारतीय जनमानस के दिमाग को विकृत कर रही हैं।

टेलीकॉम कंपनियों द्वारा सस्ती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे डाटा का 80 प्रतिशत उपयोग मनोरंजन व अश्लील सामग्री देखने में हो रहा है। जबकि इसे सूचनात्मक ज्ञान बढ़ाने का आधार बताया गया था। दुनिया भर के समाजशास्त्री, राजनेता, कानून विद और प्रशासनिक अधिकारी स्वीकार रहे हैं कि बढ़ते यौन अपराधों का यह एक बड़ा कारण है। चूंकि इंटरनेट पर नियंत्रण विदेशी कंपनियों के हाथों में है, इसलिए वह हर तरह की अश्लील सामग्री परोसकर भारतीय जनमानस के दिमाग को विकृत कर रही हैं।

पिछले वर्ष जयपुर में एक शिक्षक द्वारा 25 बच्चों से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया था। यौन विकृती से पीड़ित मुंबई की एक शिक्षिका को पुलिस ने हिरासत में लिया था। वह बच्चों को अपने घर बुलाकर मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाकर अपनी यौन कुंठाओं की पूर्ति करती थी। इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ रही उस विकृत मानसिकता को शर्मसार करने वाले हैं, जिनकी पृष्ठभूमि में पोर्न फिल्में रही हैं।

इंटरनेट की आभासी व मायावी दुनिया से अश्लील सामग्री पर रोक की मांग सबसे पहले इंदौर के जिम्मेदार नागरिक कमलेश वासवानी ने सर्वोच्च न्यायालय से की थी। याचिका में दलील दी गई थी कि इंटरनेट पर अवतरित होने वाली अश्लील वेबसाइटों पर इसलिए प्रतिबंध लगना चाहिए, क्योंकि ये साइटें स्त्रियों एवं बालकों के साथ यौन दुराचार का कारण तो बन ही रही हैं, सामाजिक कुरूपता बढ़ाने और निकटतम रिश्तों को तार-तार करने की वजह भी बन रही हैं।

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