दिल्ली मेट्रो में महिलाओं के मुफ्त सफर पर SC ने उठाए ये बड़े सवाल…

दिल्ली मेट्रो में महिलाओं के मुफ्त सफर पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए है. केजरीवाल सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि महिलाओं के लिए मुफ्त मेट्रो सेवा क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले से डीएमआरसी को घाटा होगा. लोगों के पैसा का सही इस्तेमाल करना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि ऐसे करने से तो डीएमआरसी फिर बिना लाभ कमाने वाला संस्थान कैसे रह पाएगा? जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने कहा कि जनता के धन का सोच समझकर खर्च करना चाहिए. सरकारों को संसाधन फ्री में बांटने से परहेज रखना चाहिए.
इस नसीहत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को राहत देते हुए निर्देश दिया कि मेट्रो फेज 4 के लिए जमीन की लागत का 50 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी. भूमि अधिग्रहण के लिए केंद्र सरकार 600 करोड़ रुपए जारी करेगी.
बता दें कि दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने महिलाओं के लिए मेट्रो में फ्री सेवा का ऐलान किया था. मुफ्त यात्रा पर करीब एक हजार करोड़ प्रतिवर्ष का खर्च आएगा. सरकार इसके अलावा डीटीसी बसों में भी महिलाओं को फ्री यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया. अनुमान है कि महिलाओं के लिए दिल्ली मेट्रो और डीटीसी की बसों में इस योजना को लागू करने में सरकार पर प्रतिवर्ष करीब 1200 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. इस सुविधा को लागू करने में आने वाले खर्च की भरपाई दिल्ली सरकार करेगी.





