तो इसलिए अचानक दिल्ली में कई इलाकों को कराया गया खाली, सामने आई यह चौका देने वाली खबर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. दिल्ली की ये अजब तकदीर यमुना ने लिखी है. हरियाणा में होने वाली बारिश की बदौलत यमुना का पानी उफान मार रहा है. हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से करीब नौ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली में यमुना का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. इससे दिल्ली वालों की परेशानी बढ़ गई है.

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हथिनीकुंड बैराज में जलस्तर ने 6 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. रविवार को जलस्तर 8.28 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था. इससे पहले साल 2013 में जलस्तर 8 लाख क्यूसेक था. अभी तक हथिनीकुंज बैराज से यमुना में 8 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा चुका है. दिल्ली की तरफ 40 साल बाद इतना पानी छोड़ा गया है.

दिल्ली में यमुना का खतरे का स्तर 205.33 मीटर है. रविवार दोपहर दो बजे जलस्तर 205.14 मीटर पर था और शाम तक जलस्तर खतरे के निशान को पार करके 205.36 मीटर तक पहुंच गया और मंगलवार शाम चार बजे तक यमुना का जलस्तर 206.20 मीटर तक पहुंच सकता है.  वहीं, यमुना के खतरे के निशान को छूने से पहले ही आसपास के इलाकों में खलबली मच गई है.

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दिल्ली सरकार के ऐलान के बाद लोग अपने जरूरी सामान लेकर आशियाने छोड़कर जा रहे हैं. इनकी मदद के लिए सरकार ने 2,120 कैंप लगाए हैं. साथ ही यमुना ब्रिज से गुजरने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया है. बताया जा रहा है कि दिल्ली में अगले दो दिन हालात बेहद मुश्किल हो सकते हैं, क्योंकि अगले दो दिन पानी का बहाव तेज होगा.

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हरियाणा ने यमुना में पानी छोड़ने से पहले उनको खबर तक नहीं दी. हलांकि सियासत से इतर फिलहाल दिल्ली में बाढ़ से प्रभावित होने वाले लोगों की हर मुमकिन मदद की तैयारी की जा रही है. दिल्ली के प्रभावित इलाकों में 30 बोट तैनात कर दी गई हैं. साथ ही किसी इमरजेंसी की हालत में मदद के लिए फोन नंबर भी जारी किए गए हैं. किसी प्रकार की मदद के लिए 011-22421656 और 011- 21210849 पर कॉल की जा सकती है.

उत्तराखंड में 51 और हिमाचल में 22 लोगों की मौत

वहीं, मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने उत्तर भारत के तमाम पहाड़ी इलाकों में आफत मचा रखी है. उत्तराखंड और हिमाचल में हालात बेहद खराब हो गए हैं. बारिश और बाढ़ के चलते उत्तराखंड में अब तक 51 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हिमाचल में मरने वालों का आंकड़ा 22 तक पहुंच चुका है.

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