तेजप्रताप का बनता-बिगड़ता मूड; भाई-भाई के बीच तल्खी और विवाद की खबरों के बीच बड़े भाई ने तेजस्वी को किया इमोशनल ट्वीट

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के दोनों बेटों, तेज प्रताप यादव और तेजस्वी के बीच विवाद और तल्खी की खबरों के बीच तेज प्रताप यादव ने छोटे भाई तेजस्वी को लेकर भावुक ट्वीट किया है और उन्हें अपनी हिम्मत और अपना सहारा बताया है। साथ ही लिखा है कि खुश रहूं सदा मैं और मेरा परिवार सारा, इसी सोच के साथ वो हर काम को अंजाम देता है।
बोले तेजप्रताप, लालू प्रसाद का असली वारिस मैं हूं
वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी चंद्रप्रकाश यादव के समर्थन में कुर्था के खेल मैदान में मंगलवार को आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे व पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने कहा कि महागठबंधन फेवीकॉल की तरह मजबूत नहीं है। महागठबंधन को लालू प्रसाद ने नहीं बनाया था।
कहा, उन्हें आरएसएस और बजरंग दल वाले लोगों ने झूठे मुकदमे मेें जेल भेज दिया। इतना ही नहीं टिकट का बंटवारा भी उन्होंने नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक बार हमने तेजस्वी को फोन किया कि हमें भी कार्यक्रम में ले चलो तो उसके इर्द-गिर्द रहने वाले लोगों ने कहा कि आपका टिकट कैंसिल हो गया है।
तेज प्रताप ने कहा कि लालू प्रसाद के असली वारिस हम हैं। जिस तरह हमारे पिता ने गरीबों, पिछड़ों तथा दलितों के लिए लड़ाई लड़ी उसी तरह हम भी उन तमाम दलितों, पिछड़ों के लिए अपनी जान की बाजी लगा देंगे। कहा, टिकट बंटवारे के समय मैंने तेजस्वी को समझाया था लेकिन मेरी बात नहीं सुनी गई।
यहां टिकट की चोरी की गई है। यदि किसी ने टिकट की चोरी कर ली है तो हमारा फर्ज बनता है कि हम उसका पीछा करें और उसे पराजित करें। कहा, मांझी जी का हमें परोक्ष समर्थन मिल रहा है।
लालू की शैली में दिया भाषण
उन्होंने अपने हाथ में टेलीफोन लिया और लालू की शैली में लोगों को बटन दबाने के बारे में बताया। कहा कि तबतक बटन दबाए रखें जब तक वह पी नहीं बोले। इसके पूर्व तेज ने एक वृद्ध महिला को मंच पर बुलाया और कुर्सी पर बैठाया। फिर उन्होंने उनके पैर छुए और उनसे चंद्रप्रकाश को माला पहनवाई।
परिवार और पार्टी से नाराज चल रहे हैं तेज प्रताप
बता दें कि तेज प्रताप यादव पिछले कुछ दिनों से राजद और परिवार से नाराज चल रहे हैं। कहा जा रहा था कि वो परिवार और पार्टी में अपनी उपेक्षा से आहत हैं। इसे लेकर उन्होंने बड़ा बयान भी दिया था कि मैं ही असली लालू हूं, मुझमें लालू का ही खून है। इसके अलावा वे अपने ससुर चंद्रिका राय के खिलाफ भी लगातार जुबानी हमले किए जा रहे थे जबकि चंद्रिका राय की जीत के लिए तेजस्वी यादव लगातार चुनाव प्रचार कर रहे थे।
इसके साथ ही तेज प्रताप चुनाव प्रचार के लिए साथ नहीं ले जाने को लेकर भी तेजस्वी से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि मैं भी साथ में चुनाव प्रचार के लिए जाना चाहता हूं लेकिन मुझे वो साथ नहीं ले जाते हैं। साथ ही कहा था कि मेरा अर्जुन बिना कृष्ण के ही युद्ध के मैदान में उतर गया है।
इस बीच मीसा भारती ने भी दोनों भाईयों के बीच विवाद की खबरों को गलत बताया था और कहा था कि दोनों में बहुत प्यार है। लेकिन साथ ही मीसा ने ये भी कहा था कि लालू के असली उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव ही हैं। इसके साथ ही राबड़ी देवी भी लगातार कहती आ रही हैं कि दोनों बेटों के बीच कोई मनमुटाव नहीं है। दोनों फोन पर बातें करते हैं।





