तीन साल में रेल यात्रा 44% हुई महंगी

deepawali-festival-railway-station-56236b4c18c7f_l (1)दिसंबर 2011 से दिसंबर 2014 के बीच तीन साल में रेल यात्रा 44 फीसदी से ज्यादा महंगी हो गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस तीन साल की अवधि में रेल यात्रा मूल्य सूचकांक 44.32 प्रतिशत बढ़ गया। 
 
रेलवे द्वारा माल ढुलाई की महंगाई दर में भी 51.77 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस प्रकार रेलवे सेवाएं मूल्य सूचकांक (आरएसपीआई) में दिसंबर 2014 तक 50.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 
 
उल्लेखनीय है कि उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय ने प्रयोग के तौर पर विभिन्न सेवाओं का मूल्य सूचकांक तैयार किया है। इसमें रेल सेवाओं के अलावा दूरसंचार, बैंकिंग, डाक तथा हवाई सेवाएं शामिल हैं। 
 
इन सूचकांकों के आंकड़ों के आधार पर तीन साल में रेल सेवाओं की कीमत बढ़कर डेढ़ गुणा होने की बात सामने आई है। किराया बढऩे का असर रेलवे के बेहतर बजट पर भी दिखा है। 
 वित्त वर्ष 2011-12 में परिचालन पर होने वाले खर्च और इससे प्राप्त राजस्व का अनुपात 95 प्रतिशत था जो 2014-15 में घटकर 91.8 प्रतिशत रह गया। 
 
हालांकि, रेलवे का कहना है कि उसे सुरक्षा तंत्र बेहतर बनाने, आधारभूत संरचनाओं के विकास तथा तकनीकी उन्नयन के लिए काफी धन राशि की जरूरत होगी। आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए ही चालू वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने का प्रस्ताव है।
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