ताजा सर्वे: नोटबंदी के खिलाफ बढा गुस्‍सा, लेकिन मोदी का जलवा है कायम

नोटबंदी के खिलाफ लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। हफिंगटन पोस्ट और सी वोटर के ताजा सर्वे में सामने आया है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में नोटबंदी से होने वाली दिक्कतों पर गुस्सा बढ़ता जा रहा है। हालांकि सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जलवा बरकरार है।

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26 राज्यों के 261 संसदीय क्षेत्रों में कराए गए सर्वे में सामने आया है कि नोटबंदी के समर्थकों में गिरावट आई है। पहले जहां नोटबंदी को 86 फीसदी लोग पसंद कर रहे थे वहीं अब 80 फीसदी कर रहे हैं। इसके अलावा शहरों में नोटबंदी का समर्थन करने वालों की संख्या 91 फीसदी से घटकर 84 फीसदी रह गई है। अर्द्धशहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 93 फीसदी से घटकर 89 फीसदी आ गया है। सर्वे के अनुसार नोटबंदी से लोगों के जीवन पर बड़ा असर पड़ा है।

नोटबंदी पर क्या है राय?

नोटबंदी को छोटी समस्या या फिर ना के बराबर समस्या मानने वाले लोगों में भी भारी गिरावट आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 86 फीसदी से 73 फीसदी आ गया है। अर्द्धशहरी क्षेत्रों में 75 से घटकर 70 फीसदी आ गया है। जबकि शहरों में 73 फीसदी है।

गरीबों को ज्यादा हुआ नुकसान

सर्वें में जब लोगों से सवाल पूछा गया कि नोटबंदी से सबसे ज्यादा नुकसान किसको हुआ तो ज्यादातर लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों का हुआ है। वहीं शहरों के लोगों का कहना है सबसे ज्यादा नुकसान अमीरों का हुआ है।

मोदी का जलवा कायम

नोटबंदी पर भले ही लोगों का गुस्सा सामने आ रहा है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। लोगों का साथ अभी भी पीएम मोदी के साथ बना हुआ है।

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