डेंगू आैर स्वाइन फ्लू को महामारी बना सकता है यह योग

rashi9-1423117601 (1)दिल्ली में डेंगू से पांच मरीजों की मौत और सितम्बर के दो हफ्तों में इस रोग के एक हज़ार से अधिक नए मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार की नींदे उड़ गई हैं। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की छुट्टिया रद्द कर दी गर्इ हैं और स्थिति से निपटने के लिए चौबीसो घंटे चलने वाली हेल्पलाइन शुरू की है। दिल्ली के अलावा मुंबई में भी डेंगू के मरीज़ो की संख्या में तेज़ी से इज़ाफ़ा होता देखा जा रहा है। यह हालत तब है जब की इस बार मानसून की बेरुखी से वर्षा कम हुई है।

ज्योतिष के दृष्टिकोण से इस समस्या को देखें तो राहु-केतु को महामारी फैलाने वाले ग्रहों में शामिल किया जाता है। यह दोनों छाया ग्रह, विशेष रूप से केतु जो की ज्योतिष में सूक्ष्म जीवाणुओ का प्रतिनिधित्व करता है, जब भी गोचर में शनि से नज़दीकी अंशो में स्थिति-युति-दृष्टि में से कोई भी सम्बन्ध बनाते हैं तब-तब उष्णकटिबंध वातावरण वाले देशों में महामारी फैलती है। 
आज़ाद भारत की कुंडली में केतु के कीट राशि वृश्चिक में होने के कारण उपरोक्त ग्रह सिथति में देश में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, प्लेग तथा स्वाइन-फ्लू महामारी का रूप लेते देखे गए हैं। वर्ष 1974 के चेचक महामारी, 1994 के प्लेग, 1996 के डेंगू तथा 2009 के स्वाइन-फ्लू के समय गोचर में शनि आज़ाद भारत की कुंडली के राहु-केतु को निकट अंशो से प्रभावित कर रहे थे। इस विषय पर मेरा एक ज्योतिषीय शोध बेंगलुरु से प्रकाशित होने वाली पत्रिका मॉडर्न एस्ट्रोलॉजी के मई अंक में इस वर्ष छापा गया था।

 

चूंकि इस वर्ष दुख-कारक शनि कीट राशि वृश्चिक में अनुराधा नक्षत्र से होते हुए आज़ाद भारत की कुंडली के राहु-केतु को एक बार फिर से नज़दीकी अंशों से प्रभावित कर रहे हैं, इस कारण आने वाले कुछ दिनों में डेंगू और मलेरिया के तेज़ी से महामारी बन कर उभरने के स्पष्ट ज्योतिषीय संकेत दिख रहे हैं। आज़ाद भारत की वृषभ लग्न की कुंडली में केतु वृश्चिक राशि में सात अंश पर स्थित है जिसे अब गोचर में शनि निकट अंशों से पीड़ित कर रहे हैं।

 

भारत की कुंडली को प्रभावित करता शनि और केतु का यह योग डेंगू के बाद सर्दियों में स्वाइन-फ्लू के तेज़ी से फैलने का भी संकेत है। वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे शनि दिल्ली-एनसीआर में तथा कन्या राशि में चल रहे राहु महाराष्ट्र में महामारी फैलने का संकेत दे रहे हैं। साथ ही राजस्थान, उत्तर-प्रदेश और मध्य-प्रदेश भी जल्द ही डेंगू की चपेट में आ जाएंगे। 16  नवंबर को सूर्य के वृश्चिक राशि में शनि से युति करने के बाद तापमान में तेज़ी से गिरावट आएगी जिससे मच्छरों का प्रजनन कम होगा और डेंगू से राहत मिलेगी, किन्तु सर्दियों में स्वाइन-फ्लू का कहर जनता को बेहद कष्ट देगा।- सचिन मल्होत्रा, ज्योतिषाचार्य

 

 

 

 

 

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