ट्रेन की चैन पुलिंग कर भागे 5 दोस्त, खेतों में अंधेरा होने से कुए में जा गिरे दो

कोटा. केटरिंग के लिए रामगंजमंडी आ रहे पांच युवकों ने बुधवार तड़के ट्रेन नहीं रुकने पर चेन पुलिंग कर दी। इसके बाद पकड़े जाने के डर से भागने लगे। अंधेरा होने के कारण उनको ज्यादा दिखाई नहीं दिया और दो युवक कुएं में गिर गए। इससे एक युवक की मौत हो गई। दोनों को मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से बाहर निकाला।दो लड़कों के गिरते ही घबरा गए बाकी के दोस्त…
– पुलिस के मुताबिक, कोटा के युवकों ने शहर में किसी शादी में केटरिंग का काम लिया था। इसके लिए पांच युवक कोटा से ट्रेन से यहां आ रहे थे। यह युवक गलती से उस वीकली ट्रेन में बैठ गए, जो यहां रुकती ही नहीं थी।
– तडके करीब साढ़े तीन बजे रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन पर जब ट्रेन नहीं रुकी तो इन युवकों ने शहर से मुंबई की ओर थोड़ा आगे निकलते ही बिशनियाखेडी के यहां पर चेन पुलिंग कर दी।
ये भी पढ़ें: आवारा सांड ने पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर की जान ली
– इससे ट्रेन रुकते ही पांचों युवक तेजी से खेतों में भाग निकले। रात को अंधेरा होने से भागते समय पांच में से दो युवक राजेश प्रजापति (22) और अनिकेत बैरवा (20) कुएं में जा गिरे। इससे उनके साथी सुनील प्रजापति, राकेश मेघवाल और उसका भाई अशोक मेघवाल भी घबरा गए। तीनों ने फोन पर पुलिस को और अपने परिचितों को सूचना दी। पुलिस को सूचना मिली तो शहर के थाने से टीम मौके पर पहुंचा।
रेस्क्यू में परेशानी, पंप से निकाला कुएं का पानी
कुएं में पानी भरा था। ऐसे में अंधेरे में रेस्क्यू करने में भी समस्या आई। पुलिस ने पंप लगवाकर कुए का पानी कम किया। राजेश ने कोशिश की तो वह कुएं में सही सलामत रहा। उसे पहले पुलिस ने निकाल लिया, लेकिन अनिकेत बैरवा डूब गया था। पानी कम होने के बाद वह दिखा। इस पर पुलिसकर्मी बुधराम और मनीष रस्सियों के सहारे कुएं में उतरे और ट्यूब में बांधकर अनिकेत को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
अंधेरे में नहीं दिखा बिना मुंडेर का कुआं
– मौके पर साथ रहे मृतकों के दोस्त सुनील प्रजापति ने बताया “रामगंजमंडी में कैटरिंग का काम मुझे ही मिला था। मैं, राजेश, रमेश, अशोक और अनिकेत ट्रेन से रात 2.20 बजे कोटा से निकले थे। हमारे पास टिकट भी था। रेलवे स्टेशन पर हमको लोगों ने बोला कि ये ट्रेन रामगंजमंडी रुकेगी।”
– “ट्रेन में पता चला कि यह ट्रेन तो साप्ताहिक है। हम घबरा गए क्योंकि एक तो हमें पहला काम मिला था और उसमें भी लेट हो रहे थे। हमें सुबह 7 बजे से काम पर लगना था। वीआईपी लोगों की व्यवस्था हमें करनी थी। पता चला कि ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है तो मैंने अनिकेत से कहा कि ट्रेन की चेन खींच दे। ”
ये भी पढ़ें: UP निकाय चुनाव में योगी का जादू, जिला-दर-जिला BJP ने मारी बाजी?
– “उसने चेन पुलिंग की और हम सभी खेतों में उतर गए। वहां से हम भागने लगे कि कोई पकड़ न ले। इसी दौरान खेत में बिना मुंडेर के कुएं में अनिकेत और राजेश गिर गए। हमने लाख कोशिश की, लेकिन हम अनिकेत को नहीं बचा सके। हमें पहला काम मिला था इसलिए हमारे लिए तो यह बहुत खुशी का दिन था, लेकिन यह नहीं पता था कि यह दिन हमें जिंदगीभर का दर्द दे जाएगा।”





