टिड्डी दल के कहर से परेशान देश के लिए आई अच्‍छी खबर,सब कुछ ठीक रहा तो जल्‍द ही…

टिड्डी दल के कहर से परेशान देश के लिए यह एक अच्‍छी खबर है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्‍द ही इस मुसीबत से निजात मिल सकती है। असल में हवाओं का रूख बदल गया है। इसके चलते टिड्डी दल अब कहीं रूक नहीं पाएगा। तेज हवाओं ने टिड्डी दल की ना केवल राह रोकी है, बल्कि बदल भी दी है। बताया जा रहा है कि यह दल अब राजस्‍थान और मध्‍यप्रदेश होता हुआ सीधा पाकिस्‍तान की ओर बढ़ जाएगा।

टिड्डियों का जो दल उत्तर प्रदेश के झांसी में गुरुवार रात को रुका था, वह शुक्रवार को मध्य प्रदेश के दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में आ गया है। ऐसे में पन्ना और कटनी को अलर्ट जारी किया है। उधर, पंजाब में तेज हवाओं ने टिड्डी दल की राह रोक दी है, जबकि दिल्ली में इनके हमले की आशंका खत्म हो लई है। अलबत्ता, प्रशासन फिर भी अलर्ट है। दरअसल, विशेषज्ञों का कहना है कि पहले हवा की दिशा उत्तरी-पश्चिमी थी, जो अब पूर्वी हो गई है। इसीलिए टिड्डियों का दल अब राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से होते हुए पाकिस्तान की ओर ही बढ़ेगा।

मप्र के कृृषि संचालक संजीव सिंह ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की टीमें टिड्डी दलों के नियत्रंण के लिए लगातार काम कर रही हैं। बैतूल के प्रभातपट्नम में टिड्डी दल पर कीटनाशक छिड़का गया, जिससे 40 प्रतिशत दल नष्ट हो गया। गुरुवार को एक टिड्डी दल बालाघाट में सक्रिय था। रीवा में पांच-छह किलोमीटर लंबा टिड्डी दल परेशान कर रहा है। हरदा और पंडोखर गांव में फायर ब्रिगेड के माध्यम से सौ लीटर कीटनाशक का छिड़काव किया। इससे दल सतना की ओर चला गया। मुरैना के कैलारस में टिड्डी दल का ठहराव हुआ था। पांच ट्रैक्टर चलित स्प्रे पंप और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों से कीटनाशक का छिड़काव किया गया।

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बालाघाट में डेरा डाला

गुरुवार को महाराष्ट्र के रास्ते से बड़ी संख्या में टिड्डी दल ने मध्य प्रदेश के बालाघाट की सीमा में प्रवेश किया और कई गांवों में नुकसान पहुंचाया। टिड्डी दल बालाघाट में डेरा डाले हुए है और नुकसान पहुंचा रहा है। करीब दो दिन पहले सिंगरौली गया टिड्डी दल फिर सीधी जिले में आ गया है।

पंजाब में खतरा टल गया

पंजाब में गुरुवार देर शाम चली तेज हवाओं ने राजस्थान के संगरिया के पास से आ रहे टिड्डी दल का रुख मोड़ दिया है। इससे यहां टिड्डी दल के हमले का खतरा टल गया है, लेकिन पंजाब-हरियाणा सीमा पर गांव डूमवाली के बैरियर पर कृषि विभाग की टीमें पहले की तरह ही चौकस हैं। सीमावर्ती गांवों के किसानों को भी पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया है। गौरतलब है कि राजस्थान के संगरिया मंडी से पंजाब की दूरी सिर्फ 20 किलोमीटर है।

दिल्ली में हमले की आशंका खत्म

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी टिड्डी दल के हमले की आशंका लगभग खत्म हो गई है। हालांकि, एहतियात के तौर पर कृषि व वन विभाग अपनी तैयारी कर रहा है। टिड्डी चेतावनी दल के उप निदेशक डॉ. केएल गुर्जर ने बताया कि टिड्डियों के रास्ते में दिल्ली पहले भी नहीं थी। इनके रास्ते में देश के दक्षिणी-पूर्वी क्षेत्र का ही कुछ हिस्सा था। चूंकि दिल्ली से इनका रूट डायवर्ट हो रहा था तो थोड़ी बहुत आशंका जताई जा रही थी, लेकिन दो दिन से मौसम में आए बदलाव के कारण अब वह आशंका भी खत्म हो गई है।

राजस्थान के 21 जिले प्रभावित

राजस्थान में टिड्डियों का आतंक लगातार बना हुआ है । किसान और सरकार दोनों टिड्डियों से परेशान हैं। प्रदेश के 21 जिलों के करीब 95 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डियों ने अपना असर दिखाया है ।

शिक्षक को टिड्डी उड़ाने

की जिम्मेदारी सौंपी,विरोध

टिड्डियों पर नियंत्रण को लेकर राजस्थान सरकार ने अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है । कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी ग्रामीण इलाकों में तैनात किए गए हैं । इसी बीच कोटा जिले के इटावा उपखंड अधिकारी राजकुमार बरनाल ने शिक्षकों की ड्यृटी टिड्डियों को उड़ाने में लगा दी है । उपखंड अधिकारी के इस आदेश का शिक्षक विरोध कर रहे हैं । उपखंड अधिकारी का कहना है कि शिक्षकों का बच्चों एवं अभिभावकों से निरंतर संपर्क रहता है, इसलिए उन्हे टिड्डियों के आने की सूचना सही मिल सकती है । शिक्षकों को इसे मुद्दा नहीं बनाकर किसानों के हित में सोचना चाहिए ।

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