जालंधर बना फर्जी पासपोर्ट रैकेट का अड्डा, विदेश भेजने के नाम पर ठगी का खेल

पंजाब में लोगों की विदेश जाने की चाहत का ठग गिरोह खूब फायदा उठा रहे हैं व नकली पासपोर्ट रैकेट चल रहा है। जालंधर इसका केंद्र बन गया है। ऐसे ही चार ठगों को पकड़े गए हैं।
फर्जी पासपोर्ट रैकेट का अड्डा,

पंजाब से विदेश जाने की चाहत मे लोग ठग गिरोह का शिकार हो रहे हैं। इस पूरे गोरखधंधे का जालंधर केंद्र बन गया है। यहां धड़ल्ले से जाली पासपोर्ट बनाकर लोगों को विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। ऐसा ही एक बड़ा रैकेट यहां पकड़ा गया है। पुलिस ने मलेशिया भेजने के नाम पर 71 लोगों को ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है।

अंतरराष्ट्रीय ठग ट्रैवल एजेंट गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार

पुलिस ने एक मलेशियाई नागरिक आैर अमृतसर व जालंधर के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी बुधवार को दिखाई गई है। गिरफ्तार आरोपियों से एक लैपटॉप, एक मोबाइल, 17,670 रुपये की भारतीय करंसी, विदेशी मुद्रा और आठ पासपोर्ट बरामद हुए हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों ने मलेशिया भेजने के लिए 71 लोगों से लाखों रुपये लिए, लेकिन एक को भी नहीं भेजा।

यह भी पढ़ें: मां के काम पर जाते ही पिता मासूम बेटी व बेटे से करता था गंदा काम

एडीसीपी जसवीर सिंह व एसीपी मनप्रीत सिंह ने बताया कि थाना बारादरी के प्रभारी बीटन कुमार ने गुप्त सूचना पर चारों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मलेशियाई नागरिक पांडेया, अमृतसर के चिटीविंड निवासी दर्शन सिंह, शाहकोट के गांव ब्राह्मियां निवासी सतनाम सिंह और लम्मा पिंड निवासी रमनदीप के रूप में हुई है।

मलेशिया भेजने के नाम पर 71 लोगों से लाखों ठगे

मलेशिया में रह रहा पांडेया के साथी धर्मकोट निवासी संदीप सिंह और होशियारपुर निवासी कुलदीप सिंह सोनी पर मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। गिरोह के दो साथी और हैं, जिनके बारे में पता लगाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने करीब 37 लोगों से 45 लाख रुपये ठगने की बात मानी है। ऐसे में बाकी लोगों के सामने आने पर यह राशि और भी बढ़ सकती है। पुलिस को जितने पासपोर्ट मिले हैं वे सारे जालंधर के ही हैं।

नकली दस्तावेज तैयार कर करते थे ठगी

जांच में सामने आया कि मलेशिया निवासी पांडेया और संदीप इस मामले के किंगपिन हैं। संदीप ने अपने मौसी के बेटे सतनाम सिंह और पड़ोसी रमनदीप के साथ मिलकर सारा खेल रचा था। दर्शन सिंह करीब दो साल पहले मलेशिया गया था, जहां पर संदीप के संपर्क में आया। पांचों ने मिलकर साजिश तैयार की और कुलदीप सिंह को साथ मिला लिया, जो पहले से ही मलेशिया में था।

इस गोरखधंधे में उनके साथ दो और लोग भी शामिल हुए, जिनके बारे में पुलिस को अभी पता नहीं चला है। इसके बाद रमनदीप, सतनाम और दर्शन मिलकर जालंधर व आसपास के इलाके के लोगों को मलेशिया कम पैसों में भेजने का लालच देते। पांडेया जालंधर आ जाता और उसे उन लोगों से मिलाया जाता जो पैसे देने वाले थे।

इसके बाद स्पांसरशिप के नकली दस्तावेज मलेशिया से फैक्स के जरिए मंगवाए जाते और उनको दिखाए जाते। भारतीय करंसी के बदले मलेशियाई करंसी देकर उनको झांसे में लिया जाता। ऐसे लोगों से 55 हजार रुपये से लेकर 71 हजार रुपये लिए जाते। इसमें से 10 हजार रुपये ग्राहक ढूंढने वाले की कमीशन होती बाकी संदीप व पांडेया बांट लेते थे।

संदीप के लिए जारी होगा एलओसी

पुलिस ने संदीप की गिरफ्तारी के लिए एलओसी (लुक आउट सर्कुलर) जारी करने की तैयारी की है। सारे एयरपोर्ट पर उसकी तस्वीर जारी कर दी जाएगी। वहीं मलेशियाई पुलिस से भी संपर्क साधा जाएगा, ताकि संदीप का प्रत्यर्पण कराया जा सके।

पैसे बांटने के झगड़ में फंसे आरोपी

चारों आरोपी पैसों की बंदरबांट को लेकर फंस गए। दर्शन सिंह ने खुद ही पुलिस को फोन किया था कि कुछ ट्रैवल एजेंट उससे ठगी कर गए हैं और अब कचहरी चौक पर खड़े हैं। पुलिस ने जब उनको काबू किया तो पता चला कि दर्शन सिंह खुद भी ट्रैवल एजेंट है और उसने भी लोगों को ठगने में भूमिका निभाई है। पुलिस ने दर्शन सिंह के साथ दो और को गिरफ्तार किया। जांच में पांडेया का नाम सामने आया, जो रमनदीप के घर पर था। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर बड़े रैकेट का खुलासा कर दिया।

किससे कितने पासपोर्ट मिले

दर्शन सिंह : लोगों से 13 पासपोर्ट लिए थे, पांच बरामद।
रमनदीप : लोगों से नौ पासपोर्ट लिए थे, तीन बरामद।
सतनाम सिंह : 14 लोगों से पासपोर्ट लिए थे।

News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya
Back to top button