जानिए, कैसे ये चमत्कारी फूल जगाएगा आपका सोया हुआ भाग्य

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भगवान को प्रसन्न करने के लिए हर कोई पूजा-पाठ करता है, उनका अच्छे से अच्छा श्रृंगार करने में कोई भी कोई कसर नहीं छोड़ता है। इसी श्रृंगार में फूल सबसे अहम माने जातें हैं। फूल कई तरह के होते हैं, कोई लाल तो कोई पीला। हर फूल की अपनी एक अलग पहचान होती है। इन्हीं में से एक है नीले रंग के गुड़हल के फूल। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि अगर किसी की कुंडली में ग्रहों की स्थिति सामान्य न हो तो उसे नीले रंग के फूल से कुछ उपाय करने चाहिए। इससे उसे कई तरह के लाभ प्राप्त हो सकते हैं। इतना ही नहीं यह एक फूल उसकी किस्मत को बदलने की भी ताकत रखता है। जानिए, कैसे ये चमत्कारी फूल जगाएगा आपका सोया हुआ भाग्य

तो आइए जानते हैं इस फूल के उपाय-
जिस व्यक्ति की कुंडली के आठवें भाव में शुक्र ग्रह हो उसे इसके अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए एक नीले फूल को और तांबे के एक सिक्का को लगातार 43 दिन तक गंदे नाले में फेंकने चाहिए। यदि शुक्र बारहवें भाव में हो तो सूर्यास्त के समय नीले रंग के फूल को ज़मीन में गाढ़ देने से भी अशुभ प्रभावों से छुटकारा मिलता है।

कुंडली में शनि के दुष्प्रभाव के कारण विवाह में बाधा आ रही हो तो सुनसान जगह पर लकड़ी की मदद से ज़मीन खोदकर नीले रंग का फूल दबाएं। इससे विवाह में आने वाली रुकावट दूर होती है। 

अगर किसी व्यक्ति का जीवन रोग ग्रस्त हो तो नीले फूलों से माता सरस्वती का पूजन करने से इस प्रभाव को कम किया जा सकता है।  

यदि घर में धन की कमी हो तो पांच टुकड़े फिटकरी और 6 नीले रंग के फूल और एक कमर में बांधने वाली बेल्ट नवमी के दिन माता को चढ़ा दें। दशमी के दिन बेल्ट किसी कन्या को दे दें, नीले फूल बहते पानी में डालें और फिटकरी के टुकड़ों को संभालकर रख लें। कारोबार से जुड़े किसी कार्य के लिए जाएं तो यहीं टुकड़े साथ लेकर जाएं और वापिस आकर फिर से संभालकर रख दें।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिदेव को नीले रंग के फूल बेहद पंसद हैं इसलिए शनिवार के दिन नीले रंग का फूल शनि महाराज को अर्पित करें। इससे शनि का अशुभ प्रभाव  कम होता है। इसके अलावा प्रतिदिन सूर्यास्त के बाद हनुमान जी का पूजन सिंदूर करने से और उन्हें नीले रंग के फूल अर्पित करने से भी लाभ होता है। 

अगर किसी को अपने वश में करना हो तो इसके लिए प्रत्येक शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी को नीले कमल का फूल चढ़ाएं। 

दुखों से छुटकारा पाने के लिए माता तारा को कमल का सफ़ेद या नीला फूल चढ़ाएं। 

माता लक्ष्मी को एक नारियल और नीला फूल अर्पित करें। नवमी के दिन ये फूल नदी में बहा दें। इसके अलावा धन-लाभ के लिए किसी मां लक्ष्मी के मंदिर में जाकर कमल के फूल, नारियल अर्पित करें तथा सफ़ेद मिठाई का भोग लगाएं। 

भगवान विष्णु, शिव जी और मां दुर्गा को नीला अपराजिता फूल बहुत पसंद है। विशेष मुहूर्त और दिनों में यह फूल इम्हें अर्पित किए जाने पर सभी तरह की मनोकामना पूरी होती हैं।

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