चेकिंग के नाम पर अब लड़कियों की तलाशी नहीं ले पाएंगे पुरुष शिक्षक

यूacr468-55b7bb389aac73पी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में परीक्षा के दौरान चेकिंग में एक बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। अब स्कूल के पुरुष शिक्षक परीक्षा के दौरान होने वाली चेकिंग में लड़कियों की च‌ेकिंग नहीं कर सकेंगे। यह बदलाव इसी सत्र से लागू हो जाएगा।

यूपी बोर्ड परीक्षा में अब पुरुष शिक्षक छात्राओं की तलाशी नहीं ले सकेंगे। छात्राओं की जांच केवल महिला शिक्षिकाएं या महिला अधिकारी व कर्मचारी ही कर सकेंगी।

इसके लिए छात्राओं के कमरे में अनिवार्य रूप से शिक्षिकाओं की ड्यूटी बतौर कक्ष निरीक्षक लगाने के साथ उड़ाका दल में महिलाओं को भी रखा जाएगा। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने मंगलवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।

देश के किसी भी बोर्ड परीक्षा से यूपी बोर्ड परीक्षा काफी बड़ी होती है। इसमें लाखों की संख्या में छात्राएं परीक्षा देती हैं। अक्सर यह शिकायतें मिलती रहती हैं कि पुरुष शिक्षक भी छात्राओं की तलाशी लेते रहते हैं।

 

इस मामले में हाईकोर्ट ने विनोद कुमार यादव बनाम राज्य सरकार पर आदेश दिया है कि बोर्ड परीक्षा के लिए बनने वाले सचल दल (उड़ाका दल) में महिला निरीक्षणकर्ताओं की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। इसके आधार पर ही माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यह आदेश जारी किया है।

प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक व सभापति को निर्देश दिया है कि हाईकोर्ट के आदेश पर आगामी बोर्ड परीक्षाओं में इसकी व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।

माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में नकल की रोकथाम तथा परीक्षाएं शांतिपूर्वक कराने के लिए शासन स्तर से प्रत्येक वर्ष दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। इसमें परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सचल दल बनाने की व्यवस्था दी जाती है।

सचल दल को परीक्षा के दौरान जांच पड़ताल भी करनी होती है। इसलिए हाईकोर्ट के आदेश पर इसमें अनिवार्य रूप से महिलाओं को रखने की व्यवस्था की जाए।

 

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