गोवा में सियासी घमासान तेज, सत्ताधारी BJP से जुड़ सकते हैं पूर्व कांग्रेसी CM कामत

मुख्यमंत्री मनोहर परिकर की लगातार बिगड़ती जा रही सेहत के बीच गोवा में सियासी घमासान तेज हो गया है। सत्ताधारी भाजपा ने सरकार के स्थिर होने का दावा किया है, लेकिन साथ ही परिकर की हालत को देखते हुए राज्य में नेतृत्व परिवर्तन पर मंथन किए जाने के संकेत दिए हैं। राज्य में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने शनिवार को राज्यपाल मृदुला सिन्हा के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। गोवा में सियासी घमासान तेज, सत्ताधारी BJP से जुड़ सकते हैं पूर्व कांग्रेसी CM कामत

कांग्रेस का कहना था कि अपने विधायक फ्रांसिस डिसूजा के निधन के बाद भाजपा अल्पमत में आ गई है। इस कारण उसे सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। लेकिन रविवार को भाजपा के राज्य मीडिया कोऑर्डिनेटर संदेश साधाले ने कहा, हमारी सरकार पूरी तरह स्थिर है और किसी तरह का कोई संकट नहीं है। दिल्ली और गोवा में हमारा नेतृत्व पहले ही गोवा में चल रहे राजनीतिक संक्रमण के दौर पर मंथन कर रहा है। संदेश ने कहा, सभी मुद्दों को जल्द ही हल कर लिया जाएगा। तब तक सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों या खबरों का यकीन नहीं किया जाए।

इससे पहले शनिवार शाम को भाजपा कोर कमेटी और सभी विधायकों की बैठक हुई थी, जिसमें विधायकों को फिलहाल राज्य से बाहर कहीं नहीं जाने की ताकीद की गई थी। हालांकि दावा किया गया है कि बैठक के दौरान परिकर के स्वास्थ्य पर चर्चा करते समय किसी भी विधायक ने उनकी जगह किसी अन्य को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा नहीं की।

फिलहाल सब ठीक, परिकर के बाद होगी चुनौती : एमजीपी

कांग्रेस की तरफ से सरकार गठन का दावा करने के बाद गोवा सरकार में भाजपा के सहयोगी दल एमजीपी ने रविवार को तीन सीटों पर उपचुनाव पूरा होने तक विधानसभा निलंबित करने का सुझाव दिया है। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) ने रविवार को कहा कि फिलहाल सरकार में सब ठीक है। लेकिन साथ ही सवाल भी उठाया कि मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के बाद क्या होगा? एमजीपी अध्यक्ष दीपक धवलीकर ने कहा, सरकार में संकट बाद में बाहर आएगा। अभी संकट शुरू नहीं हुआ है। 

सरकार में संकट मनोहर परिकर के बाद होगा। दीपक ने यह बात भाजपा के उस बयान को लेकर कही, जिसमें भाजपा ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का संकेत दिया था। वैसे दीपक ने अपने बयान के मायने स्पष्ट करने से इनकार कर दिया। लेकिन सरकार में सहयोगी होने के बावजूद उपचुनावों में भाजपा के सामने उम्मीदवार उतारने की घोषणा के कारण एमजीपी के इस बयान के सियासी मायने लगाए जा रहे हैं। विधानसभा के उपचुनाव अगले महीने 23 अप्रैल को लोकसभा चुनावों के साथ ही होंगे।

यह है राज्य का गणित

40 विधायकों वाली विधानसभा में फिलहाल 37 सदस्य हैं
01 सीट भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा के निधन से खाली है
02 सीट पर कांग्रेसी विधायक इस्तीफा देकर भाजपा में आ गए हैं
23 अप्रैल को तीनों सीट पर लोकसभा के साथ विधानसभा उपचुनाव भी है
13 विधायक हैं भाजपा के फिलहाल और 14 विधायक हैं कांग्रेस के पास
3-3 विधायक जीएफपी व एमजीपी के समर्थन दे रहे हैं भाजपा को
1-1 विधायक निर्दलीय व एनसीपी का है, जो भाजपा के समर्थन में हैं

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