क्या आप जानते है, चीनी एक जहर है जो कई रोगों का कारण है

चीनी को सफेद ज़हर कहा जाता है। जबकि गुड़ स्वास्थ्य के लिए अमृत है। क्योंकि गुड़ खाने के बाद वह शरीर में क्षार पैदा करता है जो हमारे पाचन को अच्छा बनाता है। जबकि चीनी अम्ल (Acid) पैदा करती है जो शरीर के लिए हानिकारक है। गुड़ को पचाने में शरीर को यदि 100 केलोरी उर्जा लगती है तो चीनी को पचाने में 500 केलोरी खर्च होती है।

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गुड़ में कैल्शियम के साथ-साथ फोस्फोरस भी होता है। जो शरीर के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और हड्डियों को बनाने में सहायक होता है। जबकि चीनी को बनाने की पक्रिया में इतना अधिक तापमान होता है कि फोस्फोरस जल जाता है इसलिए अच्छी सेहत के लिए गुड़ का उपयोग करें।

1. चीनी बनाने की प्रक्रिया में गंधक का सबसे अधिक प्रयोग होता है। गंधक माने पटाखों का मसाला

2.गंधक अत्यंत कठोर धातु है जो शरीर मेँ चला तो जाता है परंतु बाहर नहीँ निकलता।

3.चीनी कॉलेस्ट्रॉल बढ़ाती है जिसके कारण हृदयघात या हार्ट अटैक आता है।

4.चीनी शरीर के वजन को अनियन्त्रित कर देती है जिसके कारण मोटापा होता है।

5.चीनी रक्तचाप या ब्लड प्रैशर को बढ़ाती है।

6.चीनी ब्रेन अटैक का एक प्रमुख कारण है।

7.चीनी की मिठास को आधुनिक चिकित्सा मेँ सूक्रोज़ कहते हैँ जो इंसान और जानवर दोनो पचा नहीँ पाते।

8.चीनी बनाने की प्रक्रिया मेँ तेइस हानिकारक रसायनोँ का प्रयोग किया जाता है।

9.चीनी डाइबिटीज़ का एक प्रमुख कारण है।

10.चीनी पेट की जलन का एक प्रमुख कारण है।

11.चीनी शरीर मे ट्राइ ग्लिसराइड को बढ़ाती है।

12.चीनी पेरेलिसिस अटैक या लकवा होने का एक प्रमुख कारण है।

13.चीनी बनाने की सबसे पहली मिल अंग्रेजो ने 1868 मेँ लगाई थी। उसके पहले भारतवासी शुद्ध देशी गुड़ खाते थे और कभी बीमार नहीँ पड़ते थे ।

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