कंट्रोवर्सी: प्रशासन का दावा- इंदौर में बढ़ रही बेटियां, जबकि केंद्र की रिपोर्ट में घट रहीं

इंदौर.इंदौर में कुछ सालों में बेटियों की संख्या बढ़ी या घटी? हालांकि जिला प्रशासन ने तीन साल में लड़कियों की संख्या बढ़ने का दावा किया है, लेकिन यह सवाल इसलिए मौजूं हो जाता है क्योंकि केंद्र सरकार की एजेंसियों की तीन रिपोर्ट बता रही हैं कि बेटियों की संख्या बढ़ने के बजाय घट रही हैं।
कंट्रोवर्सी: प्रशासन का दावा- इंदौर में बढ़ रही बेटियां, जबकि केंद्र की रिपोर्ट में घट रहीं
प्रशासन ने गुरुवार को पीसीपीएनडीटी सेल की जिला सलाहकार समिति की रिपोर्ट में बताया कि 2016 में सेक्स रेशो 940 (प्रति हजार लड़कों पर 940 लड़कियां) था, जबकि इसी साल के एनएफएचएस (नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे)-4 की रिपोर्ट में सेक्स रेशाे 844 बताया गया। यानी, प्रशासन की रिपोर्ट के हिसाब से 96 कम। इसके अलावा 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक इंदौर में सेक्स रेशो 925 ही था। 

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एनुअल हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट भी चिंताजनक
2013 की एनुअल हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में सेक्स रेशो 871 लड़कियों का था, जबकि प्रशासन 2014 में सेक्स रेशो 907 बता रहा है।
इंदौर से सटे गांवों में हालात और खराब : अभी कोई ताजा अध्ययन नहीं हुआ है जो 2016-17 में इंदौर से सटे गांवों में लिंगानुपात का सही विवरण बता सके। वहीं, 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग आधा दर्जन से ज्यादा गांव ऐसे हैं जहां प्रति हजार लड़कों पर 700 से भी कम लड़कियां रह गईं।
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