ऑफिस में ‘वर्क हसबैंड’ या ‘वर्क वाइफ’ होना पार्टनर से चीटिंग है? जानिए कॉर्पोरेट वर्ल्ड के इस ट्रेंड का सच

अगर आप वर्किंग प्रोफेशनल हैं, तो इस बात से कनेक्ट करेंगे कि दिन का ज्यादातर समय ऑफिस में कलीग्स के बीच ही बीतता है। ऐसे में कुछ लोगों के साथ रिश्ता सिर्फ काम तक सीमित नहीं रहता। उनके साथ इमोशनल कनेक्शन और दोस्ती का रिश्ता भी बन जाता है। इसी से जुड़े दो बेहद दिलचस्प टर्म्स हैं वर्क हस्बैंड और वर्क वाइफ।

पहली बार सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है कि क्या इसमें अपने पार्टनर को चीट किया जा रहा है, लेकिन कॉर्पोरेट वर्ल्ड में ये बेहद आम और प्लेटोनिक यानी नॉन रोमांटिक रिश्ते हैं। आइए समझते हैं कि आखिर वर्क हस्बैंड और वर्क वाइफ का मतलब क्या होता है?

क्या है वर्क वाइफ और वर्क हसबैंड का मतलब?
वर्क वाइफ या वर्क हसबैंड ऑफिस में आपका सबसे करीबी साथी होता है, जिसके साथ आपकी ट्यूनिंग काफी अच्छी होती है। आसान शब्दों में कहें तो ये आपके कलीग भी होते हैं, दोस्त भी और ऑफिस में आपका सपोर्ट सिस्टम भी।

यह रिश्ता पूरी तरह प्लेटोनिक होता है, जो काम के माहौल, आपसी सम्मान और दोस्ती पर टिका होता है। इसमें किसी भी तरह का फिजिकल अट्रैक्शन या इमोशनल चीटिंग नहीं होती। वर्क वाइफ या वर्क हसबैंड ऑफिस में आपका बेस्ट फ्रेंड होता है, जो आपकी मदद करता है और आपको सपोर्ट करता है।

क्यों ऑफिस में वर्क स्पाउस बन जाते हैं?
आपका वर्क हसबैंड या वर्क वाइफ वर्क लोड बढ़ने पर आपके चेहरे का स्ट्रेस देखकर ही समझ जाता है कि आप परेशान हैं और उसे कम करने के लिए आपको चाय या कॉफी ब्रेक पर चलने के लिए कहता है। ऑफिस पॉलिटिक्स, बॉस की डांट और वर्कलोड झेलने में वह आपकी मदद करता है।

इतना ही नहीं, अगर किसी काम के लिए आपको कोई राय चाहिए या मेल का सही जवाब ड्राफ्ट करना हो, तब भी आप सबसे पहले इन्हीं के पास जाते हैं। काम के अलावा, आप इनके साथ हंसी-मजाक करते हैं, अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में भी आप इनके साथ खुलकर शेयर करते हैं, जैसे- घर-परिवार से जुड़ी बातें, वीकेंड प्लान या और कोई पर्सनल बात।

वर्क स्पाउस के साथ भी होनी चाहिए बाउंड्री?
इस रिश्ते में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपके वर्क हसबैंड या वर्क वाइफ आपके असली पार्टनर की जगह नहीं ले सकते। इसलिए इस दोस्ती में सीमाएं रखें और अपने वीकेंड्स और वेकेशन पर अपने असली पार्टनर को समय दें। साथ ही, कभी भी अपने असली पति या पत्नी की तुलना वर्क हसबैंड और वर्क वाइफ से न करें। दोनों रिश्ते काफी अलग हैं और इनके बीच तुलना नहीं की जा सकती।

वर्क वाइफ या वर्क हसबैंड के साथ भी ऑफिस डेकोरम का ध्यान रखना चाहिए। दूसरे कलीग्स को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि आप दूसरों को नजरअंदाज कर रहे हैं या आप गुटबाजी कर रहे हैं।

Back to top button