सेना ने किया जंग का आगाज, #ISIS पर सबसे बड़ा हमला शुरू..

नई दिल्ली : इधर पीएम ने आर्मी को ईशारा दिया उधर आर्मी के टैंकों ने चढ़ाई शुरू कर दी है। इराक में इस्लामिक स्टेट (ISIS) पर सबसे बड़ा हमला शुरू हो गया है। इराकी और गठबंधन सेनाएं ISIS के गढ़ मोसुल शहर से को खदेड़ने के अपने अभियान पर आगे बढ़ रही हैं। ISIS के खिलाफ निर्णायक मानी जा रही इस जंग में इराकी व गठबंधन सेनाओं के करीब 94 हजार जवान और 90 लड़ाकू विमान शामिल हैं। 

सेना ने किया जंग का आगाज, #ISIS पर सबसे बड़ा हमला शुरू..
इराक में ISIS के खिलाफ चल रही लड़ाई में मोसुल सबसे अहम पड़ाव साबित होगा। इस शहर को ISIS के कब्जे से छुड़ाने का संघर्ष ना केवल लंबा चलने की उम्मीद है, बल्कि इसमें काफी नुकसान और खूनखराबा होने की भी संभावना है।  तिकरित और रमादी शहरों को गंवाने के बाद अब ISIS मोसुल को कब्जे में रखने की हर मुमकिन कोशिश करेगा। इराक में यह शहर ISIS की ताकत का आखिरी गढ़ है। इसका सीधा मतलब यह है कि मोसुल में मिली हार इराक से ISIS के खात्मे की शुरुआत होगी।
राजधानी बगदाद के बाद मोसुल इराक का सबसे बड़ा शहर है। इस शहर पर कब्जा करने में मिली कामयाबी ISIS को मिली सबसे अहम जीतों में से एक थी। जून 2014 में जब ISIS ने मोसुल को अपने अधिकार में लिया, तब शहर के साथ-साथ यहां रहने वाली विशाल आबादी भी उसके कब्जे में आ गई। 2014 में यहां की आबादी करीब 25 लाख थी। ISIS ने यहां के लोगों को अमानवीय यातनाएं दीं।

बीच सड़क पर सिर काटना, इमारतों की छत से गिराकर लोगों को मौत के घाट उतारना यह सब ISIS के चंगुल में फंसे इस शहर के लिए रोजमर्रा की घटनाएं बन गईं हैं। शरीया कानून के मुताबिक ना चलने वालों और ‘इस्लामिक’ कपड़े ना पहनने वालों पर खूब अत्याचार किए गए और बड़ी संख्या में लोगों को मारा गया।

पिछले 2 साल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने यहां से पलायन किया। भागने की कोशिश करते हुए पकड़े जाने वालों पर भी बहुत अत्याचार किया जाता है। आज की तारीख में शहर की आबादी घटकर करीब 10 लाख रह गई है। इन लोगों को ISIS के अत्याचार से मुक्ति दिलाना भी काफी अहम होगा। हालांकि एक संभावना यह भी है कि युद्ध में ISIS इन लोगों को अपनी ढाल बना सकता है।

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