इन प्रयासों से बढ़ जाएगी आपके सफल होने की उम्‍मीद

हर इंसान अपने जीवन से ज्यादा चाहता है, बहुत ज्यादा। इसलिए वह हमेशा बेहतर के लिए संघर्ष करता है, दौड़ता है। कई लोगों को बेहतर मिलता रहता है जबकि ज्यादातर के हिस्से हताशा ही होती है। जिनके हिस्से सफलता उस तरह नहीं आती है, वे अक्सर इस बात को जानने में बहुत रुचि लेते हैं कि आखिर सफलता का फॉर्मूला क्या है?career-jobs-hiring-625-300_625x300_41454836768

हालांकि सफलता पाने का ऐसा कोई एक फॉर्मूला नहीं होता है जिस पर चलकर हरेक सफल हो सके। हां, लगातार सही दिशा में प्रयास करना ही वह उपाय है, जिससे सफलता मिल सके। अपने प्रयासों के साथ यदि कुछ चीजें भी आप करते रहें तो सफल होने की उम्मीद बढ़ जाती है।

बड़ा लक्ष्य रखें

सफलतम लोगों ने अपने लक्ष्य हमेशा बड़े रखे हैं। इसका एक मनोवैज्ञानिक पहलू यह है कि यदि लक्ष्य बड़ा होगा तो प्रयास भी बड़े और ज्यादा करने होंगे। यदि आपने लक्ष्य ही छोटा रखा है तो आप प्रयास भी उस शिद्दत से नहीं

करेंगे। इससे इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि प्रयास उतने भी नहीं हों कि छोटा-सा लक्ष्य भी हासिल हो पाए। इसलिए यदि बड़े लक्ष्य बनाकर चलेंगे तो प्रयास भी बड़े होंगे और छोटी-छोटी चीजें तो हासिल हो ही जाएंगी।

इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है कि यदि आप वेट लॉस करने का लक्ष्य लेकर चलते हैं और आपका लक्ष्य तीन महीने में 6 किलो का है, तो आपके प्रयास उस स्तर के होंगे। उससे आप चार किलो वजन तो कम कर ही पाएंगे।

निरंतरता

ऐसा नहीं है कि एक लक्ष्य तय कर लिया, उसे हासिल करने की योजना बना ली और फिर भूल गए। कोई भी तय चीज पाने के लिए हर दिन थोड़े-थोड़े प्रयास करने पड़ते हैं। बड़े-से-बड़े लक्ष्य की शुरुआत एक छोटा-सा कदम होता है। और हर दिन थोड़ा-थोड़ा चलकर ही बड़े से बड़े लक्ष्य तक पहुंचा जाता है। इसलिए प्रयासों में हर हाल में निरंतरता होनी ही चाहिए। पहले ही दिन आप एक साथ 25 किलोमीटर नहीं चल सकते हैं। हर दिन आपको थोड़ा-थोड़ा चलना होगा। तभी आप लक्ष्य के करीब पहुंचेंगे।

जिम्मेदारी लें

हर हाल में हर चीज के लिए आपको जिम्मेदारी लेनी होगी। यदि आपने जिम्मेदारी से खुद को फारिग कर लिया, तो आप अपने लक्ष्य से दूर चले जाएंगे। खुद को हर चीज के लिए जिम्मेदार बनाए रखने से चीजें एकदम से बदल जाएंगी। जब आप यह महसूस करेंगे कि सफलता-असफलता, नफा-नुकसान आपकी ही जिम्मेदारी है, तो आप ज्यादा गंभीर होकर अपने लक्ष्य की दिशा में प्रयास करेंगे और सफलता-नफे के लिए आप हर राह, हर रास्ता खोजेंगे।

समय सीमा

लक्ष्य को पूरा करने के लिए समय सीमा भी तय करें। याद रखें कि परीक्षा के दिनों में आप पूरे साल की तुलना में ज्यादा अच्छे से और ज्यादा पढ़ पाते हैं। कोई प्रोजेक्ट जो आपको समय सीमा में पूरा करना होता है, उसे पूरा करने के लिए आप कैसे दिन-रात एक कर जाते हैं? इसलिए अपने लक्ष्य के लिए समय सीमा का भी निर्धारण करें। इससे लक्ष्य के प्रति आपका निश्‍चय और समर्पण ज्‍यादा पक्‍का होगा।

 

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