इजरायल को सुनाई सऊदी अरब के प्रिंस ने खूब खरी-खोटी, नेतन्याहू के मंत्री रह गए हैरान

सऊदी के प्रिंस ने रविवार को बहरीन में आयोजित हुई सुरक्षा शिखर वार्ता में इजरायल को खूब खरी-खोटी सुनाई. सऊदी प्रिंस तुर्की बिन फैसल अल सउद की सख्त टिप्पणी से बैठक में मौजूद इजरायल के विदेश मंत्री असहज हो गए. सऊदी प्रिंस का ये बयान इजरायल को इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि सऊदी के सहयोगी यूएई और बहरीन ने हाल ही में इजरायल के साथ रिश्ते बहाल किए थे. सऊदी अरब ने भी इस समझौते को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई थी.

हालांकि, सऊदी प्रिंस की इजरायल की कड़ी आलोचना से ये साफ हो गया कि फिलीस्तीन की समस्या का समाधान हुए बिना अरब देशों और इजरायल के बीच आगे कोई समझौता होना इतना आसान नहीं होगा. यूएई और इजरायल के बीच हुए समझौते का फिलीस्तीनियों ने कड़ा विरोध किया था और कहा था कि अरब देशों ने उनकी पीठ में छुरा भोंका है.

सऊदी प्रिंस तुर्की बिन फैसल ने समिट में अपने संबोधन में कहा, तुर्की खुद को उच्च नैतिक मूल्यों वाला शांतिप्रिय देश बताता है लेकिन पश्चिमी औपनिवेशिक ताकत की छाया तले फिलीस्तीन उसकी स्याह हकीकत है. प्रिंस ने कहा, इजरायल ने अपने यातना कैंपों में फिलीस्तीनियों को बंद कर रखा है, जवान, बूढ़े, महिला-पुरुष न्याय पाए बिना वहां सड़ रहे हैं. इजरायली फिलीस्तीनियों के घर गिरा रहे हैं और जिसको चाह रहे हैं, मार रहे हैं.

प्रिंस ने इजरायल के अघोषित परमाणु हथियारों के जखीरे की भी आलोचना की और कहा कि इजरायल की सरकार अपने राजनीतिक प्रभाव और मीडिया का इस्तेमाल दूसरे देशों में सऊदी अरब की बदनामी करने में कर रही है. सऊदी प्रिंस ने कहा कि इजरायल खुद को एक ऐसे छोटे देश के तौर पर पेश करता है जिसके अस्तित्व पर खतरा है और कुछ खून के प्यासे हत्यारे उसका नामोनिशान मिटा देना चाहते हैं. और दूसरी तरफ वो ये भी कहते हैं कि वो सऊदी अरब के साथ दोस्ती करना चाहते हैं.

सऊदी प्रिंस ने इजरायल-फिलीस्तीन विवाद को लेकर रुख साफ करते हुए कहा कि साल 2002 में अरब शांति समझौते के जरिए ही इस समस्या का समाधान हो सकता है. इस समझौते के तहत, इजरायल फिलीस्तीनियों के अधिकार को वापस करेगा और बदले में सभी अरब देश उसके साथ रिश्ते बहाल कर लेंगे. उन्होंने कहा, आप पेनकिलर्स से खुले हुए जख्मों को नहीं भर सकते हैं.
इजरायल के विदेश मंत्री इस बैठक में वर्चुअली मौजूद थे. सऊदी प्रिंस तुर्की के संबोधन के बाद इजरायल के विदेश मंत्री गाबी अश्केन्जी ने भाषण दिया. उन्होंने भी प्रिंस के बयान पर पलटवार किया. इजरायली विदेश मंत्री ने कहा, मैं सऊदी के प्रतिनिधि के बयान को लेकर अफसोस जाहिर करता हूं. मुझे नहीं लगता कि उनका बयान मध्य-पूर्व में हो रहे बदलावों को प्रदर्शित करता है.

इजरायल के विदेश मंत्री ने कहा कि शांति समझौते के विफल रहने के लिए फिलीस्तीनी ही जिम्मेदार हैं. एश्केन्जी ने कहा, हमारे पास दो ही विकल्प हैं- या तो फिलीस्तीन समस्या का समाधान करें या फिर यूं ही एक-दूसरे पर आरोप मढ़ते रहें.

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