इंदौर में ब्रिक्स सम्मेलन शुरू, कृषि व्यापार के विस्तार पर रहा जोर

इंदौर में ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत मंगलवार सुबह से हुई। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने कृषि की उन्नत तकनीकों, नवाचारों तथा कृषि व्यापार के विस्तार पर जोर दिया। पहले सत्र में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों के कृषि व्यापार को बढ़ाने पर चर्चा की गई। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने कृषि विकास के लिए तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर बल दिया।
ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों सहित करीब 20 देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में भाग ले रहे हैं। इंदौर में मंगलवार से शुरू हुआ यह सम्मेलन 11 जून तक चलेगा। इसमें ब्रिक्स देशों के कृषि कार्य समूह की बैठकें आयोजित की जाएंगी। 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों की मंत्रीस्तरीय बैठक होगी।
सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, पोषण, कृषि व्यापार एवं सहयोग, जलवायु-अनुकूल और सतत कृषि तथा कृषि एवं खाद्य प्रणालियों में नवाचार और साझेदारी को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
मंगलवार को पहले सत्र में प्रतिनिधियों के बीच जलवायु परिवर्तन के दौर में लचीली खेती और कृषि अनुसंधान पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक प्रभाव कृषि पर पड़ रहा है। इससे किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
मंगलवार से कृषि कार्य समूह की बैठकों का दौर सुबह से शुरू हुआ, जो शाम तक जारी रहा। अब अगले तीन दिनों तक कृषि व्यापार, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। बैठक में तय प्रस्तावों को सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ साझा किया जाएगा।
ब्रिक्स सम्मेलन में 12 जून को कृषि मंत्रियों का विशेष संवाद आयोजित होगा, जिसमें डिजिटल तकनीक और जलवायु-अनुकूल कृषि जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। वहीं, 13 जून को ब्रिक्स देशों के मंत्रियों की मुख्य बैठक होगी, जिसमें सम्मेलन के दौरान हुए विचार-विमर्श और निष्कर्षों पर चर्चा होगी।सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए एक विशेष ‘ब्रिक्स वाटिका’ विकसित की जाएगी। इसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि पौधारोपण करेंगे।





