आधी खोपड़ी के साथ जन्‍मी है ये बच्‍ची

- in ज़रा-हटके

दुर्लभ बीमारी के चलते जीवन का संघर्ष

इस बच्‍ची का नाम है आह नीथ और ये पूर्वी कंबोडिया के एक दूरदराज के गांव में पैदा हुई है। आप सोच रहे होंगे कि हम इसके बारे में क्‍यों बात कर रहे हैं। दरसल ये बच्‍ची एक दुर्लभ बीमारी से ग्रस्‍त है और इसीलिए इन दिनों चर्चा में आ गई है। करीब दो महीने की हो चुकी इस बच्ची के दिमाग और खोपड़ी का कुछ भाग जन्म से ही नहीं है, और वो जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रही है। बच्ची की हालत देख कर जहां डॉक्‍टर हैरान हैं वहीं मां बाप उसकी जान बचाने के लिए पैसे जमा करने की लड़ाई लड़ रहे हैं। वह अपना घर और जमीन पहले ही बेच चुके हैं और अब इसके लिए वे क्राउड फंडिंग कर रहे हैं। वे दान मांग कर पैसे जोड़ने में लगे हैं ताकि उसका इलाज जारी रहे। आधी खोपड़ी के साथ जन्‍मी है ये बच्‍ची

हजारों में एक को होती है ये बीमारी

हालाकि फिलहाल बच्ची स्वस्थ है, लेकिन उसके सिर और दिमाग का कुछ हिस्सा जन्‍म से ही नहीं हैं। डॉक्टरों के अनुसार इस बच्‍ची को एनैंसफैली नाम की एक दुर्लभ बीमारी है। ये बीमारी अमेरिका की करीब हर 10,000 गर्भावस्था में से तीन में देखने को मिलती है। ऐसा माना जाता है कि इस बीमारी के ज्‍यादातर मामलों में गर्भपात हो जाता है। यही कारण है इस बीमारी के शिकार बच्चों की एकदम वास्तविक संख्या का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।

फिर भी अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की माने तो यहां हर 4,859 नवजात शिशुओं में से एक को ये रोग हो सकता है। बीमारी का असल कारण क्‍या है इस पर डॉक्‍टर दावे के साथ कुछ नहीं कह पा रहे हैं। इसके बावजूद ऐसा अनुमान है कि कुछ बच्चों को जीन या क्रोमोसोम्स या अन्य कारकों में परिवर्तन होने के कारण ये समस्‍या होती है। वहीं ये भी कहा जा रहा है कि गर्भधारण के दौरान मां जो खाती-पीती है या जिन दवाओं का सेवन करती है ये उसका दुष्‍प्रभाव भी हो सकता है।

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