अमेठी में संस्कृत विभाग के सौजन्य से महाकवि कालिदास एवं उनका काव्य कौशल विषय पर संगोष्ठी आयोजित

अमेठी में संस्कृत विभाग के सौजन्य से महाकवि कालिदास एवं उनका काव्य कौशल विषय पर संगोष्ठी आयोजित
अमेठी। रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अमेठी में संस्कृत विभाग के सौजन्य से महाकवि कालिदास एवं उनका काव्य कौशल विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गयी । संगोष्ठी का सुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। महाकवि कालिदास की रचनाओं पर प्रकाश डालते हुए प्राचार्य डाॅ0 त्रिवेणी सिंह ने कहा उनकी रचनाओं में आदर्श शिक्षक वही है जिसे विषय ज्ञान के अतिरिक्त भावप्रेषण की क्षमता हो जिसके पास विषय का ज्ञान नहीं है या जिसके पास केवल भावप्रेषण की क्षमता है वह आदर्श शिक्षक नहीं हो सकता। महाकवि कालिदास ने अपनी रचनाआंे में समाज के सभी पहलुओं पर प्रकाश डाला। संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ0 अक्षयवरनाथ तिवारी ने स्वागत करते हुए कहा कि ‘राजा प्रकृति र०जनात्‘ अर्थात राजा को सदैव प्रजा के कल्याण के प्रति चिंतित होना चाहिए। ऐसे राजा द्वारा राज्य का कल्याण संभव है। समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ0 धनंजय सिंह ने कहा कि कालिदास की रचनाओं में समाज का सुन्दर वर्णन मिलता है। उन्होंने अपने काव्य कौशल द्वारा करूणा, प्रेम, श्रंगार के साथ ही राजा की निरंकुशता का वर्णन किया है। उन्होंने अपनी रचना में ऋषि के व्यक्तिव को प्रस्तुत किया है। ऋषि भी समाज की माया से विरक्त नहीं हो पाता। कार्यक्रम को डाॅ0 आशा गुप्ता एवं डाॅ0 नीतू सिंह ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन छात्रा रेनू ने किया।
 
अंजनी कुमार मिश्राअमेठी

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