अभी-अभी: आरबीआई ने 500, 1000 के नोटों को लेकर लिया बड़ा फैसला

नोटबंदी के बाद कुछ लोगों का काम काफी बढ़ गया है। बैंक अधिकारियों की दुश्वारियां तो हम सबको नजर आ रही हैं, लेकिन लोकायुक्त अधिकारी भी कम परेशान नहीं हैं।

अभी-अभी: पुराने नोट बदलते पकड़ा गया आरबीआई का ये बड़ा अफसर%e0%a4%b2%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a5%80

भ्रष्ट अधिकारियों के यहां से छापेमारी के दौरान बरामद किए गए रुपयों में जो 500 और 1000 के नोट अब अमान्य हो चुके हैं, उन्हें वैध मुद्रा बनाए जाने से पहले हर एक नोट की फोटोकॉपी करना, उसकी तस्वीर लेना और फिर उसकी विडियोग्रफी करने का भारी-भरकम काम इन लोकायुक्त अधिकारियों के जिम्मे है।
भ्रष्ट अधिकारियों के पास से जब्त रुपये कर्नाटक के अलग-अलग स्ट्रॉन्गरूम्स में भरे हुए हैं। 10.34 करोड़ की यह राशि 500 और 1,000 के नोट की शक्ल में है। अब लोकायुक्त पुलिस ने विशेष लोकायुक्त अदालतों से इन रुपयों को सरकारी खजाने में ले जाने की अनुमति मांगी है, ताकि इन्हें मान्य मुद्रा में तब्दील किया जा सके। इसी को देखते हुए अब उन्हें सभी नोटों की फोटोकॉपी, फोटोग्रफी और विडियोग्रफी करने का काम सौंपा गया है। चूंकि पुराने नोटों को नए नोटों से बदलवाने की आखिरी समयसीमा 31 दिसंबर 2016 ही है, ऐसे में अधिकारियों को यह काम इस तारीख तक पूरा करना होगा। 
आप सोचेंगे कि इतने झंझट की जरूरत क्या है? संभावना है कि कुछ अधिकारी अदालती कार्यवाही में निर्दोष पाए जाने के कारण बरी हो सकते हैं। अगर वे बच जाएंगे, तो जब्त की गई रकम उन्हें लौटा दी जाएगी। वहीं, जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनका पैसा जब्त रखा जाएगा।
जो अधिकारी बरी हो जाएंगे, उनका पैसा नई करंसी में लौटाया जाएगा। 2004 से 2013 के बीच लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्ट अधिकारियों से करीब 598 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। इनमें 10.34 करोड़ नकद भी शामिल है। एक लोकायुक्त सूत्र ने बताया, ‘हर छापेमारी के बाद हम वह केस विशेष अदालत के संज्ञान में देते थे। जब्त किया गया रुपया भी अदालत को सौंप दिया जाता था। अब नोटबंदी के बाद हालात बदल गए हैं। इस रकम की कस्टडी अदालत के पास है, जबकि हमारे जिम्मे बस इसकी सुरक्षा का काम है। अब हमें अदालत से अनुमति लेकर यह पैसा हासिल करना होगा और इन रुपयों को नई करंसी से बदलवाने के लिए सरकार के पाक जमा करना होगा।’
पैसा लौटाए जाने की संभावना के कारण पैसों के रेकॉर्ड का सबूत रखना जरूरी है। इसीलिए राज्य सरकार को सौंपे जाने से पहले अधिकारियों को इन नोटों की फोटोकॉपी कराना होगी, इनकी तस्वीर लेनी होगी और साथ ही इनकी विडियोग्रफी भी करनी होगी। हर जांच अधिकारी को अपने-अपने केस के सिलसिले में सभी जब्त नोटों के साथ यह पूरी प्रक्रिया दोहरानी होगी।

 बाद में जो अधिकारी बरी हो जाएंगे, उनके पैसे नई करंसी में उन्हें लौटा दिए जाएंगे। फिलहाल करीब 400 भ्रष्ट अधिकारियों के पास से जब्त किया गया रुपया लोकायुक्त पुलिस के पास है।

लाइवइंडिया.लाइव से साभार

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