हेमकुंड साहिब में बर्फबारी, भारी बारिश एवं तूफान से जनजीवन अस्त व्यस्त

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक बदला। जहां एक ओर पवित्र हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हो रही है, जिससे वहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर भारी बारिश और तूफान ने राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद, हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों के कुछ इलाकों में तेज बारिश की भी संभावना जताई गई है। राज्य के अन्य जिलों के लिए 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, तीन जून तक प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

द्वारीखाल विकासखंड में गुरुवार रात्रि को हुई भीषण बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। क्षेत्र में बिजली और नेटवर्क की समस्या गहरा गई है, जिसके कारण शुक्रवार को बैंक, पोस्ट ऑफिस और अन्य सरकारी कार्यों के लिए आए ग्रामीणों को निराश लौटना पड़ा। सिलोगी और चेलुसैंण क्षेत्रों में बिजली जाने के साथ ही नेटवर्क भी ठप हो जाते हैं, जिससे इंटरनेट आधारित सभी कार्य रुक जाते हैं। बारिश के कारण देवीखेत मोटर मार्ग भी बाधित हुआ है। इसके अलावा, आम, लीची, काफल और पुलम सहित कई फलों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

लैंसडौन एरिया में भी पेड़ टूटे हैं और बिजली आपूर्ति बाधित रही। चेलुसैंण देवीखेत मोटरमार्ग भारी बारिश के कारण अवरुद्ध हो गया है। कोटद्वार और भाबर के 70 गांवों में रातभर चली आंधी-तूफान ने लोगों की नींद हराम कर दी। बिजली आपूर्ति बाधित होने से शुक्रवार सुबह घरों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही।

रुड़की क्षेत्र में बृहस्पतिवार देर रात चली तेज आंधी ने आम उत्पादकों और बाग स्वामियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज हवाओं के कारण आम के बागों में भारी मात्रा में कच्चे और पके हुए आम जमीन पर गिर गए, जिससे बाग स्वामियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई जगहों पर आम के पेड़ों की डालियां भी टूट गईं। शुक्रवार सुबह जब बाग स्वामी अपने बागों में पहुंचे, तो जमीन पर बिखरे आम देखकर उनके चेहरों पर मायूसी साफ झलक रही थी।

बाग स्वामी सोएब अंसारी, असगर, शौकीन, तनवीर सहित अन्य लोगों ने बताया कि इस बार आम की फसल अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन अचानक आई तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। बड़ी संख्या में आम झड़ने से उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। बाग ठेके पर लेने वाले ठेकेदारों के चेहरों पर भी मायूसी देखी गई। कुड़ियाल थानो में तूफान के कारण एक गोशाला की छत उड़ गई और दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं।

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